भोपाल। मप्र में कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या 40 हो गई। शनिवार को इंदौर में 75, 66 और 52 साल के तीन लोगों ने दम तोड़ दिया। इसके साथ शहर में अब तक 30 लोगों की जान जा चुकी है। ये तीनों कोरोना पॉजिटिव शहर के अलग-अलग अस्पताल में इलाज करा रहे थे। इनमें से दो को डायबिटीज समेत अन्य बीमारियां भी थीं। वहीं भोपाल में आईएएस अफसर गिरीश शर्मा समेत उनका बेटा कोरोना पॉजिटिव पाया गया। पिता-पुत्र को चिरायू अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्रदेश में अब तक 483 संक्रमित मिले हैं और 40 मौतें हो चुकी हैं। 15 मरीजों के ठीक होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। जैसे-जैसे लॉकडाउन की अवधि पूरी होने जा रही है, मरीजों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। लॉकडाउन भी 30 अप्रैल तक बढ़ाया जा सकता है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इसके संकेत पहले ही दे चुके हैं। उधर, राज्य के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन में टोटल लॉकडाउन की वजह से लोगों को जरूरी सामान नहीं मिलने की खबरें आ रही हैं। इनका कहना है कि अगर लॉकडाउन बढ़ा तो राशन जैसी जरूरी चीजें मिलना मुश्किल हो जाएगा।
शर्मा 25 को स्वास्थ्य संचालनालय में हुए थे अटैच
आईएएस अफसर गिरीश शर्मा को 25 मार्च को स्वास्थ्य संचालनालय में अटैच किया गया था। भोपाल में कोरोना से संक्रमित होने वाले आईएएस अफसरों की संख्या तीन हो गई है। इससे पहले स्वास्थ्य विभाग के एमडी जे विजय कुमार और स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पल्लवी जैन गोविल भी कोरोना से संक्रमित हो चुकी हैं। पल्लवी के साथ संपर्क में रहीं एडिशनल डायरेक्टर हेल्थ और पूर्व सीएमएचओ भोपाल डॉ. वीणा सिन्हा भी संक्रमित मिलीं। कोरोना कोर ग्रुप में काम कर रहे कुछ और अफसरों के सैंपल लिए गए थे।
सराफा व्यापारी की बेटी स्वस्थ होकर घर लौटी
जबलपुर में मध्य प्रदेश के पहले कोरोना पॉजीटिव सराफा व्यापारी मुकेश अग्रवाल और उनकी पत्नी के बाद अब उनकी बेटी पलक अग्रवाल भी स्वस्थ हो गई हैं। शनिवार को डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी। इसके साथ ही शहर में कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर पांच हो गई। ठीक होने के बाद पलक ने जबलपुर शहरवासियों का शुक्रिया कहा है और डॉक्टरों को भगवान का दर्जा दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना से डरने की जरूरत नहीं। बस हौसला बनाए रखिए, आप ठीक हो जाएंगे। जबलपुर में अब तक 5 मरीज स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। वहीं 4 की हालत स्थिर है।
पत्थरबाज निकला कोरोना पॉजिटिव
इंदौर के 4 पत्थरबाजों में से जबलपुर जेल में शिफ्ट किया गया एक आरोपी जावेद खान कोरोना पॉजिटिव मिला है। इसके बाद इसे जिला अस्पताल लाया गया और उसे आइसोलेट किया गया है। जबलपुर में पिछले तीन दिनों में दो पॉजिटिव केस सामने आए हैं। इनमें एक जबलपुर का रिटायर्ड अधिकारी है। कैदी की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद जेल में निरुद्ध अन्य कैदियों में हड़कंप मच गया है, हालांकि इंदौर से लाए गए कैदी को अलग रखा गया था, इसके बाद भी जेल प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है।
अब भोपाल की पुरानी जेल में रखा जाएगा बंदियों को
कोरोना संक्रमण को देखते हुए सेंट्रल जेल भोपाल लाए जाने वाले बंदियों को पुरानी जेल में रखने का निर्देश जारी किए गए हैं। यहां यह व्यवस्था शनिवार से आने वाले नए बंदियों के लिए लागू होगी। गौरतलब है कि इंदौर से रासुका के चार आरोपियों को जबलपुर जेल शिफ्ट किया गया था। जिसमें से एक कोरोना पॉजिटिव निकला, इस घटना के बाद हड़कंप मच गया है।
छिंदवाड़ा में होम क्वारेंटाइन में 286 लोग, सेम्पल जांच किसी की नहीं
छिंदवाड़ा जिले में विदेश, विभिन्न राज्य या प्रदेश के विभिन्न जिलों से लौटकर आने वाले हजारों लोगों की स्क्रीनिंग की गई तथा संक्रमित क्षेत्र या संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आने वालों को सिंगोड़ी क्वारेंटाइन सेंटर, जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड तथा होम क्वारेंटाइन में रखा गया है।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक विदेश से लौटने वाले 134 यात्री समेत 152 लोगों को होम क्वारेंटाइन में रखा गया, जिनमें से किसी की भी जांच के लिए सेम्पल आइसीएमआर जबलपुर नहीं भेजा गया है। दावा किया जा रहा है कि शासन की गाइडलाइन के मुताबिक 14 दिवस की हेल्थ निगरानी में रहकर प्रतिदिन जांच करने वाले ऐसे 121 लोग है, जिन्हें पूरी तरह स्वस्थ बताया जाता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रदीप मोजेस ने बताया विदेश या अन्य संक्रमित क्षेत्रों से आने वाले लोगों की पहले ही सम्पूर्ण जांच हो जाती है, इसलिए उन्हें होम क्वारेंटाइन में 14 दिन की निगरानी में रखा जाता है। इस बीच किसी के भी लक्षण कोरोना के देखने को नहीं मिले और न ही किसी ने शिकायत की है। इसलिए होम क्वारेंटाइन में रहने वालों के सेम्पल जांच के लिए नहीं भेजे गए है।