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कलेक्टर ने राजस्थान पहुंचकर सोंडा गांव के नागरिकों को सुरक्षित निकाला

सेना के हेलीकॉप्टर की मदद से संपन्न हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन

गुना। पार्वती नदी के तेज बहाव में घिरे सोडा गांव में फंसे लगभग 250 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया है। दरअसल पार्वती नदी के बीच में टापू की तरह बसे सोंडा गांव में बाढ़ के दौरान पानी गांव को छूने लगा तो गुना कलेक्टर फ्रेंक नोबल ए तथा एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने चिंता कर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और मौके से तब हटे जब रेस्क्यू ऑपरेशन संपन्न हो गया और हेलीकॉप्टर अपने गंतव्य के लिए प्रस्थान कर गए।  गांव में पानी पहुंचने की खबर सुनते ही कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक के साथ रात में ही राजस्थान के छबड़ा के पास स्थित गांव भुआखेड़ी राजस्थान पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और प्रात: होते ही सेना के हेलीकॉप्टर के माध्यम से गांव सभी बुजुर्ग, महिला व बच्चे तथा नागरिकों को गांव से भूआखेड़ी राजस्थान लाया गया। सभी को भुआखेड़ी के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में ठहराया गया। सचिव ग्राम पंचायत सोंडा श्री छीतरलाल नागर ने बताया कि सभी को खाना, पानी खिला दिया है। रहने के लिए स्थान उपलब्ध है। आगे जैसे निर्देश मिलेंगे उसके अनुसार कार्यवाही की जाएगी।

 रेस्क्यू कर बाहर निकलकर आएं बच्चे को दुलारते हुए एसपी-कलेक्टर

उल्लेखनीय है कि जिले में विगत कुछ दिनों लगातार हो रही वारिश के दौरान शुक्रवार को भयंकर मूसलाधार वारिश होने से जिले के सभी नदी, नाले, ताल, तलैया आदि का जलस्तर बढ़ गया। जससे शहरी, कस्बों एवं ग्रामों के निचले इलाकों में पानी भरने लगा। इस प्राकृतिक विकट आपदा को देख कलेक्टर फ्रेंक नोवल ए एवं एसपी राजीव कुमार मिश्रा द्वारा लगातार शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर हालातों का जायजा लेते रहे। वहीं जल भराव वाले स्थानों पर तुरंत सुरक्षा व्यवस्था लगाकर पानी में फंसे लोगों को रेस्क्यू कराकर सुरक्षित निकलवाया गया।  इस दौरान पार्वती नदी का जल स्तर काफी ज्यादा बढ़ जाने और से जिले के राजस्थान राज्य की सीमा पर पार्वती नदी के बीच में एक टापू पर बसे ग्राम सोडा में नदी का पानी भरने की जानकारी मिली। जिस पर गांव में पानी के बीच फंसे लोगों को बचाने के लिये गुना कलेक्टर एवं एसपी तुरंत ग्राम सोडा के लिये रवाना हुए। लेकिन भारी बारिश के चलते रास्ते बंद होने के कारण खेतों व कीचड़ भरे रास्तों से जाना पड़ा। इन रास्तों में गाडिय़ों के नहीं चल पाने से ट्रेक्टर व पैदल ही सफर करते हुये सोडा गांव के नदी के इसपार स्थित कड़ईया छतरी गांव तक पहुंचे। यहां मौके पर स्थिति का जायजा लिया। जहां नदी में पानी का जलस्तर स्थिर बने रहने से रेस्क्यू के लिये एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीमें और हेलीकॉफ्टर से एयरलिप्टिंग की व्यवस्था कराई गई। जिसमें शाम होने पर कलेक्टर, एसपी द्वारा अन्य बचाव दलों के साथ वहीं पर केंप करते हुये रात्रि विश्राम किया और सुबह होते ही आज रेस्क्यू प्रारंभ किया। पानी में फंसे लोग काफी घबराये हुए थे। जिनको ढांढस व हिम्मत बढ़ाने के लिये एसपी श्री मिश्रा द्वारा कड़ईया छतरी गांव से नदी के उसपार सोडा गांव के लोगों को फोन लगाया और मोबाईल का स्पीकर चालू कराकर सभी लोगों को ढांढस बनाया। जिन्हें रेस्क्यू दल के हेलीकॉफ्टर व बोट में बैठने के लिये समझाया गया। इसके बाद भी कुछ लोगों के गांव छोडऩे को तैयार नहीं होने पर कलेक्टर, एसपी वोट के माध्यम से स्वयं गांव पहुंचे गांव छोड़कर नहीं जाने वालों को समझाकर रवाना कराया। रेस्क्यू के दौरान गांव से लोगों को हेलीकॉफ्टर से लाकर जिस स्थान पर छोड़ा जा रहा था, वहां पर कलेक्टर, एसपी ने खड़े होकर एक 100 वर्षीय वुजुर्ग महिला और अन्य छोटे-छोटे बच्चों  को सुरक्षित स्थान पर पहुंचवाया गया। इस दौरान एक महिला जिसकी अभी हाल ही में 2-3 दिन पहले ऑपरेशन से डिलेवरी होने से महिला द्वारा उठने व चलने में असमर्थता दिखाते हुये जिसके द्वारा चलने से बार बार मना किया जा रहा था, जिसे पुलिस टीम द्वारा समझाया और घर से सावधानी पूर्वक खटिया सहित उठाया और जिसे व उसके नवजात बच्चे को नाव में बैठाकर सुरक्षित लेकर आये। इस दौरान एक 6 माह के नवजात बच्चे को गुना कलेक्टर एवं एसपी अपनी गोदी में लेकर बच्चे को दुलारते हुये भी नजर आये।