नई दिल्ली। जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलिपिंक में भारत के लिए इकलौता गोल्ड मेडल जीता। यह ओलिंपिक के एथलेटिक्स इवेंट्स में 121 साल में देश का पहला गोल्ड मेडल है। इस उपलब्धि के बाद जब से वे वापस भारत लौटे हैं उनकी जिंदगी से जुड़े कई रोचक किस्से सामने आ रहे हैं। ताजा मामला एक ऐसे वाकये का है जब नीरज चोपड़ा ने मौत को काफी नजदीक से देखा था। उन्होंने एक कार्यक्रम में इससे जुड़ा अनुभव खुद बयान किया।
नीरज चोपड़ा ओलिंपिक की तैयारी के सिलसिले में जर्मनी में लंबे समय तक ट्रेनिंग की थी। इसी के लिए एक बार वे अबुधाबी से फ्लाइट लेकर जर्मनी के शहर फ्रैंकफर्ट जा रहे थे। बीच रास्ते में अचानक फ्लाइट की सभी लाइटें बंद हो गईं और प्लेन बहुत तेजी से नीचे जाने लगा। नीरज ने बताया- उस समय मैं हेडफोन लगाए हुए था। जब मैंने हेडफोन हटाया तो देखा कि प्लेन में मौजूद सभी यात्री चीख रहे हैं। बच्चे रो रहे हैं। सबको लग रहा था कि प्लेन क्रैश हो सकता था। पास में मेरे कोच बैठे थे। मैंने उनसे कहा कि जो होगा, वह होगा। अगर प्लेन को गिरना ही है तो इसे कोई रोक नहीं सकता है। इसलिए हमें घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि इसमें हम कुछ नहीं कर सकते हैं। बहरहाल, कुछ समय बाद ही प्लेन स्टेबल हो गया और सुरक्षित तरीके से फ्रैंकफर्ट लैंड भी कर गया।
