ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की लापरवाही का परिणाम
पमरे के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं आकर देखे होशंगाबाद रेल्वे स्टेशन की बदहाल हालत
नर्मदापुरम्। पश्चिम मध्य रेलवे भोपाल मंडल के तहत आने वाला नर्मदापुरम् (होशंगाबाद) का रेल्वे स्टेशन इन दिनो अपनी बदहाली की कहानी स्वंय कह रहा है।स्थानीय अधिकारियों की लापरवाही एव ठेकेदार की हठ धार्मिता के कारण यहा पर सभी निर्माण कार्य अधूरे पडे है।आपको बता दे कि यहा पर यात्रियो की सुविधाओं को दरकिनार कर दिया गया है। एक तो नया हवाई जहाज जैसा फुट ओवरब्रिज बनाया गया है जो कि पूरी तरह से बेढंगा दिखाई देता है। जिस पर चढते चढते यात्री की दम भर आती है। और जब तक यात्री एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेट फार्म पर पहुंचता है तब उसकी ट्रेन छूट जाती है।साथ ही स्टेशन पर आधी जगहो पर शेड का निर्माण नही होने से यात्री ट्रेन से चढते और उतरते समय पूरी तरह बारिश मे भीगं जाता है।
हर काम अधूरा,जिम्मेदार कौन,,??
नर्मदापुरम् पर्यटन नगरी होने के बावजूद , रेल्वे स्टेशन का बदहाल होना लाजिमी है।आपको बता दे कि यहा पर स्टेशन परिसर मे यात्रियों की सुविधा के लिये बनाये जाने वाले शौचालय का काम दो साल से अटका पडा है ठेकेदार ने शौचाचल के फाऊडेशंन का निर्माण कर उसके बाद से लापता है,स्टेशन परिसर के बाहर 100 फीट का तिरंगा लगाने के लिये कुछ महीनो पहले गढढा खोदा गया फाऊडेशंन बनाया गया लेकिन आज दिनांक तक झंडा नही लगाया गया लेकिन खोदा हुआ गढढा बारिश के मौसम मे यात्रियों की परेशानी का सबब बन गया।इतना ही नही रेल्वे स्टेशन परिक्षेत्र मे नयी सीवर लाइन डालने के लिये कुछ महीनो पहले ढाई से तीन फीट गहरी नाली एसएनटी कार्यालय तक खोदी गयी लेकिन अब तक सीवर लाइन नही डाली गयी अब बारिश के मौसम मे ये खुदी हुई नाली जहा यात्रियों के लिये परेशानी खडी कर रही है वही इनके कारण बाहर का बारिश का पानी स्टेशन के अंदर तक आने लगा है।गौरतलब रहे कि पूर्व मे इस होशंगाबाद रेल्वे स्टेशन को साफ सफाई और बेहतर यात्री सुविधाओं और बेहतर व्यवस्थाओ के चलते आईएसओ अवार्ड दिया गया था।लेकिन आज यह रेल्वे स्टेशन बदहाली का शिकार हो गया है।इस समाचार के माध्यम से रेल्वे के वरिष्ठ जिम्मेदार अधिकारियो का इस ओर ध्यानाकर्षण कराया गया है।

