क्लेम प्रकरणों में तेजी लाने के लिए पीटीआरआई में सेमीनार का आयोजन, 11 इंश्योरेंस कंपनियों के अधिकारी हुए शामिल
भोपाल। एक्सीडेंट में मृत या घायल होने वालों को क्लेम देर से मिल पाता है, जिससे उनके इलाज सहित परिवार को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में संबंधित थाना प्रभारी को अब 48 घंटे में ई-मेल के माध्यम से एक्सीडेंट की जानकारी जिला मोटर एक्सीडेंट ट्रिब्यूनल के साथ ही संबंधित बीमा कंपनी को भेजना होगी, साथ ही 90 दिन में विवेचना करके चालान भी पेश करना होगा। ताकि केस जल्द सेटल होकर राशि निर्धारित हो सके।यह कहना है अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जी जनार्दन का, जोकि शुक्रवार को पीटीआरआई में 11 इंश्योरेंस कंपनियों के 30 अधिकारियों के साथ आयोजित सेमीनार को संबोधित कर रहे थे। इसमें एआईजी मंजूलता खत्री और मनोज कुमार राय ने भी जानकारी दी। सेमीनार में क्लेम प्रकरणों की विवेचना के बाद कोर्ट में देरी से पहुंचने पर चर्चा की गई। इसके बाद निर्धारित किया गया कि समस्त जिलों के पुलिस अधीक्षकों के माध्यम से सभी थाना प्रभारियों को दुर्घटना होते ही 48 घंटे में निर्धारित प्रारुप में जानकारी ईमेल से जिला मोटर एक्सीडेंट ट्रिब्यूनल को एवं संबंधित इंश्योरेंश कंपनी को भेजने के निर्देश दिए गए। इससे इससे दुर्घटना प्रभावित व्यक्तियों को क्लेम की त्वरित गति से राशि प्राप्त करने में सुविधा होगी। वहीं 50 दिवस में विवेचना के तथ्यों सहित आवश्यक दस्तावेज संलग्न कर ईमेल से इंटीरियम रिपोर्ट ट्रिब्यूनल एवं इंश्योरेंश कंपनी को भेजना होगी। इसी प्रकार 90 दिवस में संपूर्ण विवेचना के तथ्यों सहित डिटेल एक्सीडेंट रिपोर्ट भेजना होगा।
इंश्योरेंश कंपनी के अधिकारियों ने क्लेम प्रकरणों में आ रही कठिनाईयों के बारे में अवगत कराया। साथ ही कुछ जिलों में दुर्घटना में गलत वाहनों एवं गलत वाहन चालकों को दुर्घटना में शामिल होने की जानकारी भरना, विलंब से एफआईआर दर्ज करने की समस्या व छलपूर्वक की जा रही इंश्योंरेश क्लेम प्रकरण में त्वरित विवेचना कर आपराधिक व्यक्तियों के विरूध्द कायर्वाही करने हेतु कहा। इस संबंध में सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को फर्जी प्रकरण बनाने वालों के विरूध्द नियमानुसार जांच कर कायर्वाही करने हेतु निर्देश जारी किया गया।


