दिल्ली में फिक्की (भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ) ने स्मार्ट पुलिसिंग अवॉर्ड से नवाजा
नई दिल्ली। फिक्की (भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ) द्वारा पुलिसिंग में अभिनव पहल के लिए मध्यप्रदेश के तीन पुलिस अधिकारियों को फिक्की स्मार्ट पुलिसिंग अवॉर्ड-2021 से नवाजा गया है। इनमें आरएपीटीसी इंदौर के एडीजी डॉ. वरुण कपूर, राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो के एडीजी चंचल शेखर और राजगढ़ पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा शामिल हैं। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए देशभर से 200 से अधिक नामांकन प्राप्त हुए थे।इसलिए मिले अवॉर्ड-
चंचल शेखर, एडीजी, एससीआरबी-मध्यप्रदेश पुलिस में ई-विवेचना ऐप प्रारंभ की, जिससे विवेचक मौके पर ही घटनास्थल के फोटो, वीडियो एवं गवाहों के बयान ले सकते हैं। यह टाइम स्टैंपिंग और जियो टैगिंग पर आधारित है। इसका ट्रायल-रन नवंबर 2021 को हुआ और आज दिनांक तक कुल 55,205 केस की विवेचना की गई। इसमें कुल 18,268 एफआईटार, केस डायरी-39,971, अपराध विवरण-5,150, फोटो/वीडियो- 10,084 जमा किए गए। जल्द ही इसको जप्ती, गिरफ्तारी व अन्य विवेचना संबंधी फार्म को भी इसमे जोड़ा जायेगा।
डॉ. वरुण कपूर, एडीजी, आरएपीटीसी, इंदौर-साइबर अपराध प्रबंधन श्रेणी के तहत प्रोजेक्ट साइ-कॉप शुरू किया। इसमें इन्दौर के 120 स्कूलों के 350 शिक्षकों को सायबर सुरक्षा, डिजिटल फुटप्रिंट, सूचना सुरक्षा, बच्चों और युवाओं पर होने वाले अपराध के केस स्टडियों के माध्यम से आईटी एक्ट की ट्रेनिंग दी। इन शिक्षकों को वेबसाइट ङ्मे पर सायबर एम्बेसेडर के रूप में रजिस्टर्ड किया गया। ताकि छात्र-छात्राओं को सायबर सुरक्षा के बारे में प्रशिक्षित कर जानकारी अपलोड करके डाटा बेस बनाया जा सके।
प्रदीप शर्मा, एसपी, राजगढ़-महिला सुरक्षा श्रेणी के अंतर्गत राजगढ़ को झगड़ा-नातरा मुक्त राजगढ़ सफल अभियान चलाया। झगड़ा कुप्रथा में महिलाओं और उनके परिजनों को पुनविर्वाह करने पर भारी भरकम रकम की मांग की जाती थी । रकम ना चुकाने पर खड़ी फसल और गांव में नुकसान पहुंचाया जाता था। इस प्रथा के विरुद्ध अभियान चलाया जाकर महिलाओं को जागरूक किया गया, झगड़ा पंचायत करने वालो पर सख्त कार्रवाई की गई। कोर्ट से समन्वय करके 250 केसों का निराकरण एवं महिलाओं को प्रशिक्षण दिलाया गया।

