सीपीए से सिवनी ट्रांसफर के बजाय कार्यआयोजना में पोस्टिंग का मुद्दा
भोपाल। सीपीए (राजधानी परियोजना) से सिवनी ट्रांसफर किए जाने के बाद भी ज्वाइन नहीं करने के आरोप में आईएफएस हरीशंकर मिश्रा को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि ट्रांसफर और कार्यआयोजना में पोस्टिंग के मुद्दे पर मिश्रा की याचिका की 13 अक्टूबर 2022 को हाईकोर्ट में सुनवाई होना है।
इस बारे में शनिवार को जारी निलंबन आदेश में कहा गया है कि वनसंरक्षक एचएस मिश्रा का हाईकोर्ट के आदेश पर अभ्यावेदन की सुनवाई करके निरस्त कर दिया था और तबादला सिवनी किया गया था। बावजूद मिश्रा नई पोस्टिंग पर नहीं पहुंचे थे, जिसके चलते उनको सस्पेंड कर दिया गया। दूसरी ओर, मिश्रा की याचिका पर हाईकोर्ट जबलपुर में 13 अक्टूबर को सुनवाई होना है। इस याचिका में उनके तबादले को चुनौती देते हुए सिवनी के बजाय पूर्व में विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देशों के आधार पर वरिष्ठता से कार्यआयोजना में पदस्थ करने की मांग की गई है।
मिश्रा के साथ विश्वकर्मा की भी याचिका
आईएफएस मिश्रा के साथ कटनी के आईएफएस रमेशचंद्र विश्वकर्मा की याचिका भी वरिष्ठता के आधार पर कार्यआयोजना में पदस्थापना के लिए लंबित है। ऐसे में मिश्रा को सस्पेंड करने को हाईकोर्ट का कंटेम्प्ट बताते हुए अवमानना याचिका प्रस्तुत होगी।
कई बार बदले गए पदस्थापना के निर्देश
-2001-48 वर्ष से अधिक आयु वाले अधिकारियों को कार्यआयोजना में नहीं भेजने के आदेश जारी हुए थे।
-2005-48 वर्ष आयु की सीमा समाप्त करके वरिष्ठता के आधार पर कार्यआयोजन में पोस्टिंग के आदेश।
-2017-सेवानिवृत्ति में 3 साल शेष वाले अधिकारियों की पोस्टिंग नही करने के आदेश जारी हुए।
-2020-2017 की पालिसी और निर्देशों को निरस्त कर दिया गया, जिससे 3 साल शेष आयु का बंधन खत्म हो गया।
हाईकोर्ट में चैलेंज करेंगे
विभाग की 2005 की पॉलिसी के अनुसार वरिष्ठता के आधार पर कार्यआयोजना में पोस्टिंग की जाना चाहिए, लेकिन शासन ने हाईकोर्ट में गलत बोला कि वरिष्ठता का पैमाना लागू नहीं होता। अब निलंबन और 2005 की पॉलिसी के अनुसार पोस्टिंग के लिए हाईकोर्ट में 13 अक्टूबर को सुनवाई में चैलेंज करेंगे।
हरी शंकर मिश्रा, आईएफएस
