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खंडवा में दामाद की पीट-पीटकर हत्या:राजस्थान से मुस्लिम पत्नी को लेने आया था

खंडवा। में हिंदू दामाद को ससुराल में इस कदर पीटा गया कि उसकी मौत हो गई। राजस्थान के युवक ने दो साल पहले खंडवा की मुस्लिम युवती से लव मैरिज की थी। पत्नी लंबे समय से मायके में थी। वह उसे लेने आया था। लेकिन पिटाई के चलते उसने दम तोड़ दिया। हत्या का आरोप सास, ससुर और साले पर है। पुलिस ने तीनों पर केस दर्ज कर लिया है।

ऑनर किलिंग का यह मामला खंडवा के सिंगोट इलाके का है। 2021 में राजस्थान में रहने वाले राजेंद्र सैनी ने खंडवा के सिंगोट की अमरीन से लव मैरिज की थी। इसके बाद दोनों जयपुर में रहने लगे। बाद में अमरीन को परिवार ने बहला-फुसलाकर अपने पास बुलवा लिया। चार महीने होने के बाद भी जब पत्नी घर नहीं लौटी, तो राजेंद्र उसे लेने ससुराल पहुंचा। दो बार उसे पीट-पीटकर ससुराल वालों ने भगा दिया। तीसरी बार 13 मई को वह फिर पत्नी से मिलने की जिद करने लगा, तो अमरीन के माता-पिता, भाई समेत अन्य लोगों ने उसे खूब पीटा। 15 मई को उसकी तबीयत बिगड़ गई। 16 मई को उसने दम तोड़ दिया।

परिजन का आरोप है कि मारपीट से युवक को अंदरूनी चोट आई थी। आज पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया। पुलिस पीएम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

लड़की ने बयान में कहा था- मर्जी से शादी की

पुलिस के अनुसार, सीकर (राजस्थान) में रहने वाला राजेंद्र सैनी (36) टाइल्स लगाने का काम करता था। वह तीन साल पहले सिंगोट काम के सिलसिले में आया था। यहां उसकी पहचान अमरीन (20) से हुई। दोनों के बीच प्रेम हुआ और वे जनवरी 2021 में सिंगोट से राजस्थान भाग गए। इधर, अमरीन के परिजन ने गुमशुदगी दर्ज करवा दी। 7 जनवरी 2022 को पुलिस ने अमरीन को बरामद किया। तब अमरीन ने बयान में कहा था- मैं अपनी मर्जी से राजेंद्र के साथ गई थी। हमने प्रेम विवाह कर लिया है। मैं माता-पिता के साथ नहीं, राजेंद्र के साथ रहूंगी। इसके बाद अमरीन, राजेंद्र के साथ जयपुर लौट गई। कुछ दिन बाद ही अमरीन की उसके परिवार से फोन पर बातचीत होने लगी। अमरीन को लगा कि परिवार ने उसकी शादी को कबूल कर ली है। वह परिवार से मिलने के लिए खंडवा आ गई।

राजेंद्र सैनी तीन साल पहले खंडवा के सिंगोट में काम के सिलसिले में आया था। इसी दौरान उसकी मुलाकात अमरीन से हुई थी।

राजेंद्र सैनी तीन साल पहले खंडवा के सिंगोट में काम के सिलसिले में आया था। इसी दौरान उसकी मुलाकात अमरीन से हुई थी।

दो बार पीटकर भगाया, तीसरी बार ऐसा मारा कि मौत हो गई

राजेंद्र जब भी ससुराल गया, तो उसे उसकी पत्नी से मिलने नहीं दिया गया। वह पहले दो बार अमरीन को लेने सिंगोट पहुंचा था। ससुराल वालों ने दोनों बार उसे पीटकर भगा दिया था। 13 मई को वह फिर अमरीन को लेने उसके घर पहुंचा। तब अमरीन के पिता, भाई समेत अन्य रिश्तेदारों ने उसे खूब पीटा। राजेंद्र ने डायल 100 को सूचना दी। पुलिस उसे लेकर थाने आई। उसे बाहरी चोट नहीं लगी थी। इस वजह से पुलिस ने अदम चेक काटा और रवाना कर दिया। 15 मई को उसकी अचानक तबीयत खराब हो गई। उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया। लेकिन मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई।

पुलिस विभाग में प्राय: मारपीट आदि के साधारण के में FIR दर्ज नहीं करते हुए अदम चेक (हस्तक्षेप योग्य अपराध नहीं) काट दिया जाता है। यदि शिकायतकर्ता को ऐसा लगे कि उसके साथ पुलिस ने न्याय नहीं किया, तो वह जिला कोर्ट केस कर सकता है। परिवादी के बयान के बाद कोर्ट संज्ञान लेते हुए खुद केस रजिस्टर करती है।

परिजन बोले- 20-25 दिन से खंडवा आया हुआ था

खंडवा पुलिस की सूचना पर राजेंद्र के परिवार के लोग खंडवा पहुंचे। उनकी मौजूदगी में बुधवार को पोस्टमॉर्टम हुआ। रिश्तेदार रामकिशोर सैनी ने बताया कि राजेंद्र ने लव मैरिज की थी, इसीलिए वह परिवार के डर से सीकर की बजाय जयपुर में रहकर मजदूरी करता था। पत्नी अमरीन को लेने के लिए 20-25 दिन से खंडवा में ही रुका था। परिजन ने आरोप लगाया कि पुलिस ने तीन आरोपी बनाए हैं, जबकि राजेंद्र के साथ 10 से 12 लोगों ने मारपीट की है।

परिवार का कहना है कि समय रहते पुलिस सुनवाई कर पत्नी से मिलवा देती तो यह हत्या नहीं होती। मामले की जांच कर रहे SI हरिकिशन सोनी ने बताया कि अमरीन और उसके माता-पिता से पूछताछ की जा रही है। माता-पिता का कहना है कि उन्होंने राजेंद्र को नहीं मारा। पीएम रिपोर्ट में सच सामने आए

बयान के आधार पर आरोपियों के खिलाफ FIR

खंडवा SP सत्येंद्र कुमार शुक्ल का कहना है कि इस मामले में पुलिस ने तत्काल एक्शन लिया है। मृतक ने जिला अस्पताल में इलाज के दौरान पुलिस को बयान दिए थे। इसी आधार पर केस दर्ज किया है। राजेंद्र के साले सलमान (18), सास मुन्नीबाई और ससुर मुमताज (55) को राउंडअप कर लिया है।