प्राप्त जानकारी के अनुसार मामला कल दिन के बारह 12 बजे का है ग्राम पंचायत बिकौरा में शासकीय नाली के निर्माण का कार्य चल रहा था वहीं पर ग्राम का रामकृपाल पटैल आया तो ग्राम पंचायत के उपसरपंच ने कहा कि कहाँ जा रहे हो तो रामकृपाल ने कहा कुआं पर नहाने जा रहा हूँ तो उपसरपंच ने कहा कि यहीं टैंकर के पानी से नहा लो तो कुछ गांव के लोग हँसी मजाक करने लगें उसी समय नाली निर्माण में कारीगर का कार्य कर रहे देशराज पिता राजाराम अहिरवार मिक्चर मशीन में ग्रीस लगाने का कार्य कर रहा था उसके हाथ से थोड़ा सा ग्रीस उचककर रामकृपाल पटैल के ऊपर गिर गया तो बह आपा खो बैठा और देशराज को जातिसूचक गालियां देकर हाथ पैर तोड़ने की धमकी देने लगा पीड़ित देशराज ने जानकारी देते हुए बताया गालियां देने के बाद बह घर गया और घर से मैला(गंदगी) लाकर उसके कपड़ो मे डाल दी तो मौके पर कार्य कर रहे हरीराम अनुरागी,गनेशी पाल, मुनिया पाल एवं रतिराम पाल ने उसे बचाया।
गांव की पंचायत में दबंग के पक्ष में हुआ फैसला
जब यह खबर गांव में फैली तो पीड़ित पक्ष के परिजनों ने ग्रामवासियों को अपना दुखड़ा सुनाया तो रात्रि 9 बजे गांव में पंचायत लगाई गई पंचायत में दोनों पक्षों को सुनने के बाद पंचायत में उपस्थित अर्जुन पटैल,मिठाई पटैल,ललिता पटैल,बालादीन पटैल एवं गुलजारी पटैल इत्यादि ने फैसला दबंग व्यक्ति के पक्ष में किया और पीड़ित पर 600 रुपये जुर्माना लगाकर राशि बसूल की गई पीड़ित देशराज अहिरवार ने जानकारी देते हुए बताया कि जब किसी ने उसकी नहीं सुनी तो उसने समाज के लोगो को अपना दुखड़ा सुनाया और समाज के कुछ व्यक्तियों के साथ थाने आकर शिकायती आवेदन पुलिस को देकर गांव के दबंग रामकृपाल पटैल के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है पीड़ित पक्ष ने बताया कि गांव में पटैल समाज की चलती हैं जैसा गांव में बे चाहते हैं बैसा ही गांव में होता है उनकी शिकायत करने की हिम्मत जुटाना बेहद मुश्किल कार्य है।पुलिस ने किया मामला कायम
पीड़ित देशराज पिता राजाराम अहिरवार उम्र 40 बर्ष के शिकायत आवेदन पर थाना पुलिस ने धारा 294,506भादवि.,3(1)(ग),3(1)(द),3(1)(ध)एससीएसटी एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर मामले को बिबेचना में लिया।
इनका कहना है-
विवाद के बाद दलित पर मैला फेंका गया है, शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया है। वहीं इस मामले में पंचायत लगाए जाने की बात कही गई है, जिसमें पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी गई।
एसडीओपी मनमोहन बघेल

