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कमलनाथ बोले- कांग्रेस की सरकार बनी तो जातीय जनगणना कराऊंगा

भोपाल। 
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री कमलनाथजी ने जातिगत जनगणना की वकालत की है। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में मध्य प्रदेश में पिछड़ा वर्ग की आबादी 55% है। सरकार जातिगत गणना इसलिए नहीं करा रही कि पोल न खुल जाए।

श्री कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर जातिगत जनगणना कराई जाएगी ताकि जानकारी मिल सके। सभी को पता चल सके कि हमारे समाज के गरीब और विपन्न व्यक्ति कितने हैं उनकी क्या सहायता की जा सकती है। जातिगत जनगणना कराऊंगा। ताकि पिछड़े वर्ग की जातियों को वास्तविक संख्या का पता चल सके। उन्होंने यह भी कहा कि निजी क्षेत्र में आरक्षण का प्रावधान कराने के लिए नियम बनाऊंगा। वे मध्य प्रदेश पिछड़ा वर्ग संयुक्त मोर्चा के महासम्मेलन में रविवार को बोल रहे थे ।रविंद्र भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में सांसद द्वय विवेक तनखा, राजमणि पटेल, मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमती विभा पटेल एवं पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल मौजूद रहे। महासम्मेलन ने पिछड़ा वर्ग की 40 से अधिक जातियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह अस्वस्थ होने के कारण नहीं आए लेकिन उनके संदेश का वाचन अपाक्स की प्रांतीय अध्यक्ष भुवनेश पटेल ने किया। सिंह ने भेजे संदेश में कहा कि मैं कल भी ओबीसी के साथ था आज भी हूं और आगे भी रहूंगा।

कमलनाथ ने कहा कि 27  प्रतिशत आरक्षण मैंने दिया था । सरकार बनने पर मैं इसे लागू कराऊंगा। एससी - एसटी को भी ओबीसी की तरह अधिकार संपन्न बनाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। इसी प्रकार आउट सोर्स की नीति भी बनाऊंगा। उन्होंने कहा कि वे ओल्ड पेंशन स्कीम को लागू कराने के लिए वचनबद्ध है।

सांसद तनखा बोले - मैं आप लोगों के बीच में आकर अभिभूत हूं । संविधान में 73 -74 वें संशोधन के अंतर्गत पिछड़े वर्ग को जो आरक्षण दिया गया था, उसकी हाईकोर्ट में मैंने ही पैरवी की थी। इसे मैंने लागू भी करवाया। 27% ओबीसी को जो आरक्षण दिया गया था, वह आरक्षण आदरणीय उमाश्री भारती जी और स्वर्गीय श्री बाबूलाल गौर जी  और श्री शिवराज सिंह चौहान ने इसकी सही ढंग से हाई कोर्ट में पैरवी नहीं करवाई। नतीजे में यह वर्ष 2014 में खारिज हुआ। इसके बाद वर्ष 2019 में कांग्रेस की सरकार बनने पर 27% आरक्षण लागू कराया गया। यह अदालत में सही ढंग से पेश किए जाने के कारण संभव हो सका और कोई स्टे नहीं आया। जैसे ही कांग्रेस की सरकार हटी 27% आरक्षण पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दीl इसका कारण भी यही है कि शिवराज सरकार ने तथ्यात्मक रूप से पक्ष नहीं रखाl मैं जानता हूं आज भी चयनित ओबीसी के हितग्राही भटक रहे हैं। 

मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमती विभा पटेल ने कहा कि आरक्षण से अयोग्यता प्रमाणित नहीं होती, शिक्षण संस्थाओं में डोनेशन से जो सीटें भर्ती हैं , उनसे गुणवत्ता प्रभावित होती हैl पिछड़े वर्ग की राजनीतिक हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता के लिए पिछड़े वर्ग को महत्व के साथ आरक्षण मिलना ही चाहिए।

खचाखच भरे रविंद्र भवन में आयोजित महा सम्मेलन में प्रदेश के सभी जिलों के पिछड़े वर्ग के प्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जेपी धनोपिया ,बहादुर सिंह पटेल दादा, पिछड़े वर्ग के नेता ललित कुमार, तुलसीराम पटेल , विजय कुमार ,प्रकाश धाकड़ ,राजेंद्र यादव, पूर्व विधायक आरके दोगने, जीवन पटेल, शैलेंद्र पटेल, पूर्व जिला अध्यक्ष जहीर अहमद,ताराचंद साहू ,मनमोहन नागर, किशोरी लाल कुशवाह, संतोष मीणा, हीरालाल श्रीवास ,महेंद्र पाटीदार वीरेंद्र खोंगल ,विष्णु विश्वकर्मा, गोपाल ताम्रकार ,कमल कीर, पीएल बैरागी ,राकेश जयसवाल, उदयवीर सिंह,ज्योति  जूनगरें ,सुरेश यादव, कैलाश सूर्यवंशी , वीरेंद्र यादव ,पंजाब सिंह यादव, मखमल सिंह मीणा, नवीन सराठे, वरुण कुमार लक्ष्मी मीणा जितेंद्र राठौर केपी पटेल अशोक पटेल राधेश्याम मीणा राहुल मीणा गब्बर सिंह मीणा राहुल मंडलोई महेंद्र परमार समेत विभिन्न पिछड़ा वर्ग संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस महासम्मेलन का संचालन भुवनेश पटेल संयोजक मध्य प्रदेश पिछड़ा वर्ग संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने  एवं आभार जीपी माली ने माना।