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बाल साहित्य में वैज्ञानिक दृष्टि पर सोमवार को होगा मंथन; 200 से अधिक साहित्यकार जुटेंगे

  • विज्ञान भवन में पांच सत्रों में होगा सम्मेलन; कविताओं और पुस्तकों की प्रदर्शनी रहेगी विशेष आकर्षण
भोपाल। बाल साहित्य में वैज्ञानिक दृष्टि, अध्यात्म, लोक परंपराओं और शोध की संभावनाओं पर चर्चा के लिए सोमवार, 26 अक्टूबर को भोपाल में देशभर के 200 से अधिक बाल साहित्यकार जुटेंगे। अर्चना प्रकाशन न्यास और मध्यप्रदेश विज्ञान एवं तकनीक परिषद के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय सम्मेलन 'बाल मन की फुलवारी' का आयोजन विज्ञान भवन में किया जाएगा। सम्मेलन में पांच सत्र होंगे। साहित्यकारों की कविताओं और पुस्तकों की प्रदर्शनी विशेष आकर्षण रहेगी।


सम्मेलन का उद्घाटन सुबह 9:30 बजे राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो करेंगे। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता विज्ञान एवं तकनीक परिषद के महानिदेशक अनिल कोठारी करेंगे। साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. विकास दवे, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता चतुर्वेदी और अर्चना प्रकाशन के अध्यक्ष लाजपत आहूजा भी उपस्थित रहेंगे।

दूसरे सत्र में 'बाल साहित्य एवं अध्यात्म' विषय पर चर्चा होगी। इसकी अध्यक्षता माधव सिंह दांगी करेंगे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचार प्रमुख कैलाश जी मुख्य वक्ता और देवपुत्र पत्रिका के संपादक गोपाल माहेश्वरी मुख्य अतिथि होंगे। महेश सक्सेना और उर्दू अकादमी की निदेशक डॉ. नुसरत मेहदी भी विचार रखेंगे।

तीसरे सत्र में 'लोक परंपरा एवं बाल साहित्य' विषय पर दो अलग-अलग आयामों में परिचर्चा होगी। बाल आयाम में वत्सला चौबे, अंकिता पाल, सुदर्शन व्यास और सौरभ तामेश्वरी भाग लेंगे। वरिष्ठ आयाम में डॉ. भेरूलाल, गोकुल सोनी, अनिल सक्सेना और डॉ. रचना चौहान अपने विचार रखेंगे।

चौथा सत्र 'बाल साहित्य में शोध की संभावना' पर केंद्रित रहेगा। इसकी अध्यक्षता राकेश जैन करेंगे। डॉ. अनुराधा शुक्ल मुख्य अतिथि होंगी। डॉ. मीनू पांडे विषय प्रवर्तन करेंगी। डॉ. शांति तेंभरे, डॉ. मालती वसंत और डॉ. रामवल्लभ आचार्य भी संबोधित करेंगे।

'ज्ञान गंगा' नाम से आयोजित समापन सत्र की अध्यक्षता अशोक पांडे करेंगे। शाहजहांपुर के डॉ. नागेश पांडे मुख्य वक्ता और साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. विकास दवे मुख्य अतिथि होंगे। निराला सृजन पीठ की निदेशक डॉ. साधना बलवटे विषय प्रवर्तन करेंगी।

कविताओं की प्रदर्शनी होगी विशेष आकर्षण

अर्चना प्रकाशन न्यास के निदेशक ओमप्रकाश गुप्ता ने बताया कि सम्मेलन स्थल पर 'लेखकों की पुस्तकें लेखकों के लिए' शीर्षक से पुस्तक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसमें सम्मेलन में भाग लेने वाले साहित्यकारों की पुस्तकें प्रदर्शित होंगी। आमंत्रित साहित्यकारों की कविताओं की अलग प्रदर्शनी भी लगेगी। इस अवसर पर बाल साहित्य की नई पुस्तकों का विमोचन किया जाएगा।