ट्विंकल डागरे हत्याकांड में मप्र के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के साथ ही प्रशासन को सूक्ष्मता व निष्पक्षता से जांच करने के निर्देश दिए है। उन्होंने इंदौर आईजी वरुण कपूर को निर्देश देते हुए पूछा है कि
- परिवार के लगातार गुहार के बावजूद क्या क्या कारण रहे, जिससे इस हत्याकांड का 2 वर्ष तक खुलासा नहीं हो सका?
- किसके दबाव में अब तक यह हत्याकांड दबा रहा, एक बेटी को न्याय नहीं मिला?
- आरोपियों को किसका संरक्षण रहा?
- कौन-कौन अधिकारी इस केस की जांच से जुड़े रहे और किसने इस हत्याकांड को उजागर करने में लापरवाही बरती?
- कौन-कौन इसके दोषी है, उन पर कड़ी कार्यवाही हो, उन्हें बख्शा नहीं जाए
- क्या कोई राजनैतिक संरक्षण इस केस को लेकर था, उसका भी खुलासा किया जाए।
कितना भी बड़ा व्यक्ति हो, उसे सजा अवश्य मिलेगी
कमलनाथ ने कहा कि मेरी सरकार बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ का नारा देने में विश्वास नहीं करती है, वो इसे अपना प्रमुख कर्तव्य समझती है। मेरी सरकार में बहन-बेटियों की सुरक्षा, सम्मान से कभी समझौता नहीं होगा और इसका दोषी कितना भी बड़ा व्यक्ति हो, उसे सजा अवश्य मिलेगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिम्मेदार अधिकारियों को चेतावनी भरे निर्देश देते हुए कहा है कि मेरी सरकार में बहन-बेटियां की सुरक्षा-सम्मान में कोई कोताहि ना बरती जाए। प्रदेश में सुरक्षित माहौल तैयार किया जाए जहां वे बेखौफ आ-जा सके।
शिवराज पर साधा निशाना
कमलानाथ ने ट्विंकल डागरे हत्याकांड के संबंध में कहा कि इंदौर की एक बेटी ट्विंकल जो पिछले 2 वर्ष से लापता थी। जिसको ढूंढने को लेकर व उसकी हत्या की आशंका जताकर उसका परिवार निरंतर गुहार लगा रहा था।
कमलानाथ ने ट्विंकल डागरे हत्याकांड के संबंध में कहा कि इंदौर की एक बेटी ट्विंकल जो पिछले 2 वर्ष से लापता थी। जिसको ढूंढने को लेकर व उसकी हत्या की आशंका जताकर उसका परिवार निरंतर गुहार लगा रहा था।
हर दरवाजे पर दस्तक देता रहा। धरना देने से लेकर उन्हें न्यायालय तक गुहार लगाना पड़ी। उनकी पिछले 2 सालों में कही सुनवाई नहीं हुई। जबकि इंदौर को पूर्व मुख्यमंत्री अपने सपनो का शहर बताते थे। उनकी सरकार बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ का नारा देती थी। उनकी चुनावी सभा तक में पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लेकर गया लेकिन उन्हें अपमानित कर भगा दिया गया, उन्हें न्याय नहीं मिला।
वो शहर जो मां अहिल्या के नाम से जाना जाता है। वहां फिल्मी पटकथा की तर्ज पर घटित मानवता व हैवानियत को तार- तार कर देने वाला जघन्य हत्याकांड 2 वर्ष तक दबा रहा? पीड़ित परिवार आरोपियों का नाम लेकर निरंतर हत्या की शंका जाहिर करता रहा लेकिन आरोपियों को बचाया जाता रहा। आखिर क्या कारण रहे? मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस की सरकार बनने के बाद इसकी जांच में आई तेजी व इस हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस अधिकारियों को बधाई भी दी है।
