खरगोन-बड़वानी जिलों की महती नागलवाड़ी उद्वहन सिंचाई परियोजना का मुख्यमंत्री कमलनाथ 26 फरवरी को दोपहर 12 बजे भूमिपूजन करेंगे। पिछली सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान इसका भूमिपूजन करने वाले थे। दो बार उनका कार्यक्रम निरस्त हुआ। इसके बाद अब भूमिपूजन हो रहा है। नागलवाड़ी में 1173 करोड़ रुपए की इस परियोजना से खरगोन व बड़वानी जिले के 116 गांवों में 47 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। गृहमंत्री बाला बच्चन ने दोनों जिलों के अफसरों के साथ बैठक लेकर हेलीपेड, यातायात, मंच, दर्शन, पार्किंग, सभास्थल, पेयजल व्यवस्थाओं पर बातचीत की।
उन्होंने कहा कर्जमाफी के बाद जिले के किसानों की सिंचाई की सुविधा देने की इस महत्वपूर्ण योजना को साकार करना है। दोनों जिलों के अफसर तालमेल बैठाकर व्यवस्थाएं जुटाएं। गृहमंत्री ने मुख्य दार्शनिक स्थल नागलवाड़ी मंदिर मार्ग के प्रोजेक्ट में रिटर्निंग वॉल को जोड़ने को कहा। बड़वानी पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री रवींद्र माहेश्वरी ने बताया स्टीमेट में 7.80 करोड़ रुपए की लागत है।
नंदगांव से प्रति सेकंड 15 हजार लीटर पानी होगा लिफ्ट : नागलवाड़ी उद्वहन सिंचाई परियोजना के वर्क आर्डर जारी हो गए हैं। टेंडर, ड्राइंग व डिजाइन का काम पूरा हो चुका है। आगे इसका काम शुरू होगा। नंदगांव से पानी लिफ्ट कर किसानों के खेतों तक पहुंचाया जाएगा। सालभर पहले परियोजना को मंजूरी मिली थी। इसे 2 साल में पूरा कराने का लक्ष्य रखा है। फिलहाल जिले में इंदिरा सागर व लोअर गोई परियोजना की नहरों का निर्माण कार्य भी जारी है। एनवीडीए के डिवीजन नंबर 14 के ईई सीबी टटवाल ने बताया ड्राइंग व डिजाइन बन गई है। उन्होंने बताया ब्राह्मणगांव के पास नंदगांव से प्रति सेकंड 15 हजार लीटर पानी लिफ्ट किया जाएगा।
7 अगस्त व 26 सितंबर को टला था शिवराज का दौरा : भाजपाइयों के मुताबिक पूर्व सीएम चौहान का पहले 7 अगस्त व उसके बाद 26 सितंबर 2018 को नागलवाड़ी सिंचाई परियोजना के शिलान्यास का कार्यक्रम तय हुआ था। सरकार बदलने के बाद सेगांव के किसानों का प्रतिनिधिमंडल पिछले दिनों भोपाल में राहुल गांधी की आभार सभा में शामिल हुआ। किसानों ने गृहमंत्री बाला बच्चन व कृषि मंत्री सचिन यादव से मुलाकात कर प्रोजेक्ट को शुरू करने का आग्रह किया।
नागलवाड़ी सिंचाई योजना पूर्व मुख्यमंत्री चौहान ने खुद तैयार कराई थी। सारी प्रक्रिया उनके कार्यकाल में पूरी हुई। कांग्रेस सरकार के प्रतिनिधि सिर्फ परियोजना की शुरुआत कर श्रेय लेना चाहते हैं।
खरगोन-बड़वानी के हजारों किसानों से जुड़ी परियोजना है। कमलनाथ सरकार किसानों के हित के हर काम प्राथमिकता से कर रही है। यदि ऐसा था तो वे ही प्रोजेक्ट को शुरू कर किसानों को समय पर लाभ दिला देते।
