कोलकाता
पश्चिम बंगाल में बीजेपी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच राजनीतिक
घमासान और तेज हो गया है। पश्चिम बंगाल सरकार ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी
आदित्यनाथ को पुरुलिया में रैली की इजाजत नहीं दी है। पुरुलिया के एसपी ने
कहा है कि अगर योगी आदित्यनाथ
रैली करते हैं, तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। इस बीच बीजेपी नेता शाहनवाज
हुसैन और एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज चौहान को भी पश्चिम बंगाल सरकार
ने रैली करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। हुसैन मुर्शिदाबाद और
शिवराज बेहरामपुर में रैली करना चाहते थे। इससे पहले ममता बनर्जी ने दावा
किया था कि उन्होंने योगी की रैली पर कोई रोक नहीं लगाई है।
पुरुलिया के एसपी आकाश मघारिया ने कहा कि जमीनी स्तर पर तथ्यों और
आंकड़ों को देखते हुए रैली की अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि यह
अब योगी आदित्यनाथ पर है कि वह क्या करते हैं। इससे पहले मध्य प्रदेश के
पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि उन्हें बेहरामपुर में रैली की
अनुमति नहीं दी जा रही है। इस बीच बीजेपी के नेता शाहनवाज हुसैन का भी
रास्ता रोका गया था। इससे पहले पुरुलिया में हेलिकॉप्टर के लैंडिंग की
अनुमति नहीं मिलने पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर
ममता सरकार पर जमकर निशाना साधा था।
टैगोर का नाम ले योगी का ममता पर हमला
सीएम योगी ने कहा, 'मुझे अत्यंत दुःख है कि गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर
की कर्मभूमि, हमारा बंगाल, आज ममता बनर्जी और उनकी सरकार की अराजकता तथा
गुंडागर्दी से पीड़ित है। अब समय है कि बंगाल को एक सशक्त लोकतांत्रिक
आंदोलन के माध्यम से संविधान की रक्षा हेतु इस सरकार से मुक्त किया जाय।
मैं आज पुरुलिया में आप सबके बीच इस आंदोलन की ध्वजा लेकर भ्रष्टाचारियों
के गठबंधन के लिए चुनौती बनकर खड़ा होऊंगा।'
ममता बोलीं, यूपी संभालें योगी आदित्यनाथ
उधर, योगी की रैली पर ममता बनर्जी ने कहा कि पुरुलिया में रैली करने पर
कोई रोक नहीं है। उन्होंने कहा, 'योगी आदित्यनाथ को रैली करने दो। अपना
यूपी तो संभाल नहीं पा रहे हैं, पुलिसवाले मारे जा रहे हैं, मॉब लिंचिंग हो
रही है लेकिन वह यहां बंगाल घूम रहे हैं। उनसे कहिए पहले अपना राज्य
संभालें।' ममता के इस बयान के बाद योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर एक बार फिर
ममता बनर्जी पर हमला बोला।
सीएम योगी ने कहा, 'राजनीतिक हिंसा में बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या
करवाने वाली, गरीबों को लूटने वाले भ्रष्टाचारी लोगों के साथ खड़े होने
वाली तथा अराजकता की भेंट चढ़े पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
बौखला गई हैं। पंचायत चुनाव में पश्चिम बंगाल में भारी हिंसा हुई थी।
सैकड़ों लोग मारे गए थे लेकिन उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव में कोई हिंसा
नहीं हुई।'
उन्होंने कहा, 'जब से उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार आई है तब से
कोई दंगा नहीं हुआ। कोई मॉब लिंचिंग नहीं हुई। कोई राजनीतिक हिंसा में
हत्या नहीं हो रही है। पीएम मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास की नई
यात्रा पर निकल चुका है। इसलिए आप उत्तर प्रदेश की चिंता छोड़िए और बंगाल
पर ध्यान दीजिए।' बता दें कि ममता बनर्जी और सीबीआई के मुद्दे पर केंद्र
सरकार से चल रहे विवाद के बीच योगी आदित्यनाथ मंगलवार को पश्चिम बंगाल
पहुंच रहे हैं।
झारखंड के रास्ते पश्चिम बंगाल जाएंगे योगी
पुरुलिया में सीएम योगी की रैली है लेकिन ममता सरकार ने उनके
हेलिकॉप्टर को उतरने की इजाजत नहीं दी है। अब एसपी ने कहा है कि रैली की
अनुमति नहीं दी गई है। ऐसे में सीएम योगी ने झारखंड के रास्ते पश्चिम बंगाल
जाने का फैसला लिया है। वह पहले हेलिकॉप्टर से झारखंड जाएंगे और फिर वहां
से सड़क मार्ग के जरिए पश्चिम बंगाल पहुंचकर रैली को संबोधित करेंगे। तय
कार्यक्रम के मुताबिक तीन बजकर 25 मिनट पर उन्हें रैली को संबोधित करना है।
ममता सरकार ने उनके हेलिकॉप्टर को उतरने की अनुमति नहीं दी है। अब उनका
हेलिकॉप्टर झारखंड के बोकारो में लैंड करेगा और वह यहीं से सड़क मार्ग से
पुरुलिया के लिए निकलेंगे। बोकारो से पुरुलिया की दूरी लगभग 54 किलोमीटर है
और सड़क मार्ग से वहां पहुंचने में करीब सवा घंटे का समय लगता है। योगी का
काफिला बोकारो से निकलकर सीधा पुरुलिया रैली के आयोजन स्थल पर पहुंचेगा।
पूर्व सीएम शिवराज के हेलिकॉप्टर को भी लैंडिंग की अनुमति नहीं
इस बीच, मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी ममता को
निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा, 'सभी राजनीतिक दल अपने विचार जनता के
सामने रखते हैं। ममता बनर्जी को किस बात का डर है? बेहरामपुर में मेरी भी
कल एक रैली है लेकिन मुझे पता चला है कि मेरे हेलिकॉप्टर को लैंडिंग और
रैली को इजाजत नहीं दी गई है।'
इससे पहले पश्चिम बंगाल के बालुरघाट में 3 फरवरी को सीएम योगी की रैली
होनी थी। ममता सरकार ने योगी की रैली के लिए उनके हेलिकॉप्टर को उतरने की
अनुमति नहीं दी थी। बालुरघाट में योगी आदित्यनाथ को हेलिकॉप्टर उतारने की
अनुमति नहीं मिली तो उन्होंने फोन पर अपना संबोधन दिया। अपने भाषण की
शुरुआत ही उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना के साथ की।
