नई दिल्ली
चीन ने गुरुवार को मीडिया में आईं उन खबरों का खंडन कर दिया जिनमें कहा गया था कि पेइचिंग पाकिस्तान को अपना पहला एयरक्राफ्ट कैरियर 'लाउनिंग' बेचने की योजना बना रहा है। चीन ने कहा है कि दूसरे देशों को अपने नेवी जहाज एक्सपोर्ट करने से पहले कड़े निश्चित सिद्धान्तों का पालन करना होता है।
10 फरवरी को पाकिस्तान के एक अखबार ने चीनी और रूसी मीडिया रिपोर्टिस के
हवाले से खबर दी थी, 'चीनी सरकार ने अपना पहला और इकलौता एयरक्राफ्ट
पाकिस्तान को बेचने का फैसला किया है...पाकिस्तान नेवी की क्षमता बढ़ाने के
लिए अनापेक्षित दामों में इसे दिया जा रहा है।' चीन के इस कदम से
पाकिस्तान की नेवी भारत की तुलना में ज्यादा दमदार बनेगी। भारतीय नेवी के
पास ऑपरेशन एयरक्राफ्ट कैरियर है। रिपोर्ट में आगे कहा गया कि 'लाउनिंग' को
बड़े स्तर पर अपग्रेड करने के बाद इसे पाकिस्तान को रीसेल किया जाएगा।
इस रिपोर्ट पर बयान देने पर चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ
चुनाइंग ने कहा, 'मैंने अभी तक वह रिपोर्ट नहीं देखी है, जिसके बारे में आप
बात कर रहे हैं। लेकिन दूसरे देशों को अपने नेवी जहाज बेचने के दौरान चीन
हमेशा से अपने नियम और सिद्धान्तों का पालन करता रहा है।'
इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि पाकिस्तानी सेना के चीन के साथ
करीबी संबंध हैं और अभी चीन पाकिस्तान के लिए 4 आधुनिक नेवी जहाज बना रहा
है। हालांकि, चीनी मिलिट्री एक्सपर्ट्स ने पाकिस्तान को लाउनिंग बेचने की
रिपोर्ट को खारिज कर दिया। चीन के ग्लोबल टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक,
चीनी सरकार ने इस तरह की कोई डील कभी नहीं की है और न ही ऐसी कोई योजना बनी
है। इस खबर में यह भी कहा गया कि पाकिस्तानी अखबार में चीनी मीडिया के
हवाले से छपी रिपोर्ट को भी ग्लोबल टाइम्स का रिपोर्टर नहीं ढूंढ सका।
ग्लोबल टाइम्स को एक चीनी मिलिट्री एक्सपर्ट और कमेंटेटर सोग जॉंगपिंग
ने बताया कि ये आरोप बेबुनियाद और पूरी तरह झूठे हैं। चीन का यह पहला
एयरक्राफ्ट कैरियर ट्रेनिंग और युद्ध दोनों जगह काम आता है, इसलिए इसे
रीसेल करने की संभावना शून्य है। सोंग ने कहा कि चीन के पास पाकिस्तान को
बेचने के लिए अतिरिक्त कैरियर नहीं हैं।
लाउनिंग चीन का इकलौती एयरक्राफिट कैरियर है जो अभी काम करता है। यह
चीन का पहला कैरियर है जिसे पूरी तरह से देश में ही विकसित किया गया और इसे
टाइप-001 ए नाम से जाना जाता है और यह अभी भी समुद्री ट्रायल पर है।
चीन द्वारा अभी तीसरे एयरक्राफ्ट कैरियर पर काम करने की खबरें हैं।
हालांकि, ऐसी भी खबरें हैं कि 2030-2035 तक चीन के पास कम से काम
एयरक्राफ्ट कैरियर्स होंगे जिनमें दो न्यूक्लियर पावर्ड होंगे। ग्लोबल
टाइम्स ने कहा कि चीन के रक्षा मंत्रालय ने अभी भविष्य के कैरियर्स से
जुड़े किसी प्लान का खुलासा नहीं किया है।
