इंदौर
प्रदेश के लोक निर्माण और पर्यावरण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से 14 फरवरी का समय मिल गया है। उस मुलाकात में वे बीआरटीएस के लिए आईडीए के प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे। वर्मा ने कहा कि इससे यहां दूसरे फ्लायओवर की जरूरत ही नहीं होगी।
एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से सारी बाधाएं खत्म हो जाएंगी। वर्मा ने कहा कि पूर्वी रिंग रोड सहित शहर के लिए हम 7 फ्लायओवर ला रहे हैं। इसके लिए विभागीय तैयारी जारी है। जल्द ही इनकी घोषणा भी की जाएगी।
6.5 किलोमीटर लंबा होगा एलिवेटेड कॉरिडोर : दरअसल, आईडीए ने जो प्रस्ताव बनाया था, उसमें बीआरटीएस पर एलआईजी से नौलखा चौराहे तक (6.5 किलोमीटर) एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का जिक्र है। इस प्रोजेक्ट की खासियत यह है कि इसमें न सिर्फ आई-बसें चलेंगी, बल्कि दो लेन पर अन्य वाहन भी दौड़ सकेंगे।
यह कॉरिडोर बन जाता है तो एलआईजी, इंडस्ट्री हाउस, पलासिया, गीता भवन, शिवाजी वाटिका, जीपीओ और नौलखा चौराहे पर आ रही ट्रैफिक जाम की दिक्कत पूरी तरह दूर हो जाएगी। नौलखा से जीपीओ और शिवाजी वाटिका से गीता भवन का बॉटल नेक भी खत्म हो जाएगा।
