भोपाल. लगता है कि भैंस के आगे बीन बजाने वाली कहावत को बदलने की जरुरत आन पड़ी है। मध्यप्रदेश के गुना जिले की राघौगढ़ तहसील की आदिवासी पंचायत गादेर में भैंसों ने मतदान के प्रति जागरुकता बढाने का अनूठा तरीका अपनाया, जो सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चाओं में हैं।
आदिवासी बहुल गुना जिले के गादेर पंचायत की भैंसों से मतदान जागरुकता बढ़ाने की मुहिम
दरअसल राघौगढ़ के गादेर पंचायत में 90 फीसदी आबादी आदिवासियों की है। उनके बीच मतदान की जागरूकता का प्रचार किसी टीवी या सोशल मीडिया की बजाय उन्हीं की भाषा में किया जा रहा है ताकि वे आसानी से समझ सकें। इसके लिए पंचायत के अधिकारी सचिन सत्य नारायण साहू ने वहां की एक भैंस के शरीर पर स्लोगन लिखवा दिया कि ‘सबसे पहले मतदान करने जाना, फिर अपनी भैंस चराना’। इस स्लोगन के जरिए गादेर पंचायत के मतदाताओं को यह संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि वे वोटिंग वाले दिन भैंस चराने समेत अन्य घरेलू कामों के बजाय वोट डालने को प्राथमिकता दें। एक भैंस पर लिखवाए इस स्लोगन का अच्छा रेस्पॉंस आने पर गांव की करीब 35 भैंसों के शरीर पर यह संदेश लिखवा दिया गया। अब इस आइडिया को आगे बढ़ाने की तैयारी है, जिसके बारे में जनपद के सीईओ डॉ. जितेन्द्र धाकरे राघौगढ़ के करीब 300 गांवों की 5000 भैंसों पर यह संदेश लिखवाने की तैयारी में है।
आदिवासी बहुल गुना जिले के गादेर पंचायत की भैंसों से मतदान जागरुकता बढ़ाने की मुहिम
दरअसल राघौगढ़ के गादेर पंचायत में 90 फीसदी आबादी आदिवासियों की है। उनके बीच मतदान की जागरूकता का प्रचार किसी टीवी या सोशल मीडिया की बजाय उन्हीं की भाषा में किया जा रहा है ताकि वे आसानी से समझ सकें। इसके लिए पंचायत के अधिकारी सचिन सत्य नारायण साहू ने वहां की एक भैंस के शरीर पर स्लोगन लिखवा दिया कि ‘सबसे पहले मतदान करने जाना, फिर अपनी भैंस चराना’। इस स्लोगन के जरिए गादेर पंचायत के मतदाताओं को यह संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि वे वोटिंग वाले दिन भैंस चराने समेत अन्य घरेलू कामों के बजाय वोट डालने को प्राथमिकता दें। एक भैंस पर लिखवाए इस स्लोगन का अच्छा रेस्पॉंस आने पर गांव की करीब 35 भैंसों के शरीर पर यह संदेश लिखवा दिया गया। अब इस आइडिया को आगे बढ़ाने की तैयारी है, जिसके बारे में जनपद के सीईओ डॉ. जितेन्द्र धाकरे राघौगढ़ के करीब 300 गांवों की 5000 भैंसों पर यह संदेश लिखवाने की तैयारी में है।