बंगलुरु।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बैंक फ्रॉड के एक मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री और टीडीपी (तेलगूदेशम पार्टी) सांसद वाईएस चौधरी को बंगलूरू में कल पूछताछ के लिए बुलाया है। वहीं, चौधरी ने इस पर कहा, 'मैं इसे सिद्ध कर सकता हूं कि जिस कंपनी का उल्लेख किया जा रहा है उसे मेरा किसी प्रकार का संबंध नहीं है और न ही मुझे इस बारे में कोई जानकारी है। मैं इस मामले में उचित कदम उठाऊंगा।'
इससे पहले दो अप्रैल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लांड्रिंग और बैंक फ्रॉड से जुड़े एक मामले में वाईएस चौधरी से जुड़ी कंपनी की 315 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी। ईडी ने बताया था कि हैदराबाद-दिल्ली समेत कई स्थानों पर वायसरॉय होटल्स लिमिटेड के ठिकानों पर छापेमारी के बाद यह कारर्वाई की गई थी।
वायसरॉय होटल्स लिमिटेड के प्रमोटर सांसद वाईएस चौधरी आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री व टीडीपी के मुखिया एन. चंद्रबाबू नायडू के करीबियों में गिने जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में टीडीपी के शामिल रहने के दौरान चौधरी राज्य मंत्री भी रहे थे।ईडी के मुताबिक, सीबीआई की तरफ से बेस्ट एंड क्रॉम्प्टन इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड (बीसीईपीएल) और उसके अधिकारियों के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया था, जिन पर 2010 से 2013 के दौरान सेंट्रल बैंक आॅफ इंडिया, आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक के खिलाफ आपराधिक साजिश के तहत धोखाधड़ी करने का आरोप था।
इसके चलते बैंक समूह को करीब 364 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। सीबीआई की एफआईआर के आधार पर ईडी ने भी अपने यहां मामला दर्ज किया था। यह कंपनी सुजाना ग्रुप आॅफ कंपनीज का हिस्सा है, जिसके प्रमोटरों में सांसद चौधरी भी शामिल हैं।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बैंक फ्रॉड के एक मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री और टीडीपी (तेलगूदेशम पार्टी) सांसद वाईएस चौधरी को बंगलूरू में कल पूछताछ के लिए बुलाया है। वहीं, चौधरी ने इस पर कहा, 'मैं इसे सिद्ध कर सकता हूं कि जिस कंपनी का उल्लेख किया जा रहा है उसे मेरा किसी प्रकार का संबंध नहीं है और न ही मुझे इस बारे में कोई जानकारी है। मैं इस मामले में उचित कदम उठाऊंगा।'
इससे पहले दो अप्रैल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लांड्रिंग और बैंक फ्रॉड से जुड़े एक मामले में वाईएस चौधरी से जुड़ी कंपनी की 315 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी। ईडी ने बताया था कि हैदराबाद-दिल्ली समेत कई स्थानों पर वायसरॉय होटल्स लिमिटेड के ठिकानों पर छापेमारी के बाद यह कारर्वाई की गई थी।
वायसरॉय होटल्स लिमिटेड के प्रमोटर सांसद वाईएस चौधरी आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री व टीडीपी के मुखिया एन. चंद्रबाबू नायडू के करीबियों में गिने जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में टीडीपी के शामिल रहने के दौरान चौधरी राज्य मंत्री भी रहे थे।ईडी के मुताबिक, सीबीआई की तरफ से बेस्ट एंड क्रॉम्प्टन इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड (बीसीईपीएल) और उसके अधिकारियों के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया था, जिन पर 2010 से 2013 के दौरान सेंट्रल बैंक आॅफ इंडिया, आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक के खिलाफ आपराधिक साजिश के तहत धोखाधड़ी करने का आरोप था।
इसके चलते बैंक समूह को करीब 364 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। सीबीआई की एफआईआर के आधार पर ईडी ने भी अपने यहां मामला दर्ज किया था। यह कंपनी सुजाना ग्रुप आॅफ कंपनीज का हिस्सा है, जिसके प्रमोटरों में सांसद चौधरी भी शामिल हैं।