भोपाल। रिटायर्ड जेल आईजी के बेटे-बहू द्वारा बुजुर्ग सौतेली मां और मौसी (मां की मौसेरी बहन) को घर में बंधक बनाकर रखने का मामला सामने आया है। मां और मौसी को घर से बाहर निकलने और किसी से मिलने की इजाजत नहीं थी। दोनों तीन महीने से कैद थीं।
बेटा-बहू उन्हें नौकरों के भरोसे छोड़कर बच्चों के पास अमेरिका गए हैं। मामले का खुलासा तब हुआ, जब छोटा भाई, अपनी बहन से मिलने पहुंचे, लेकिन नौकर व नौकरानी ने मिलने नहीं दिया। भाई की शिकायत पर पहुंची पुलिस ने दोनों को मुक्त कराकर नौकर-नौकरानी को गिरफ्तार कर लिया है।
शाहजहांनाबाद थाना प्रभारी जहीर खान के मुताबिक फतेहगढ़ निवासी 65 वर्षीय रजी उज जफर ने शिकायत की थी कि उनकी बड़ी बहन 85 वर्षीय रजिया सुल्तान ईदगाह हिल्स में अपने सौतेले बेटे खालिद हसन और बहू शाहना खालिद के साथ रहती हैं। उनके साथ उनकी बहन की बेटी राना सुल्तान भी रहती हैं। जब वे अपनी बहन से मिलने जाते थे तो नौकर अब्दुल लईक और नौकरानी रुक्मणी बाई द्वारा उनसे मिलने नहीं दिया जाता था।
दोनों को घर में बंधक बनाकर रखा गया, जिससे उनकी मानसिक और शारीरिक स्थित खराब हो रही है। सीएसपी एनके पटेरिया के अनुसार रशीद उल हक करीब 25 साल पहले जेल आईजी के पद से रिटायर हुए थे। उनका बेटा खालिद हसन जेद्दा में जाॅब करता है। इन दिनों वे अपनी पत्नी शाहना खालिद के साथ बच्चों के पास अमेरिका गए हुए हैं। पुलिस उनसे संपर्क करने की कोशिश कर रही है। उनसे बातचीत होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि रजिया और राना को बंधक बनाकर क्यों रखा गया था।
