हॉन्गकॉन्ग। कोरोनावायरस से बचने में मास्क को बहुत ही काम का माना जा रहा है। घर से बाहर निकल रहे लोग सावधानी के तौर पर इसे लगा रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि चेहरे पर लगाने वाला मास्क कोरोनावायरस से बचने में कितना कारगर है? एक्सपर्ट्स बताते हैं कि, कोरोनावायरस नया वायरस है, इसका मतलब है कि हमारे इम्यून सिस्टम ने इससे पहले इसका सामना नहीं किया है। मास्क की सबसे बड़ी खासियत है कि आप इसका उपयोग कर दूसरों को संक्रमित होने से बचा सकते हैं।
एक स्टडी के मुताबिक मास्क करीब 100% संक्रामक जर्म्स को रोकने में सफल है। इसे पहनने से आपके आसपास रहने वालों को लोगों को भी सुकून मिलता है। लोगों को लगता है कि उन्हें कोरोना का खतरा कम हो गया है। एक अनुमान के मुताबिक अमेरिका में कोविड 19 के 25 प्रतिशत मामले ऐसे हैं, जहां मरीज को कोई भी लक्षण नहीं दिखे। वायरस के इतने बड़े स्तर पर फैलने का कारण भी यही माना जा रहा है। ऐसे में मास्क लगाने से आप खांसते या छींकते वक्त दूसरों के संक्रमित होने का खतरा कम कर देते हैं। आपके कीटाणु किसी और तक नहीं फैलते।
एक स्टडी के मुताबिक मास्क करीब 100% संक्रामक जर्म्स को रोकने में सफल है। इसे पहनने से आपके आसपास रहने वालों को लोगों को भी सुकून मिलता है। लोगों को लगता है कि उन्हें कोरोना का खतरा कम हो गया है। एक अनुमान के मुताबिक अमेरिका में कोविड 19 के 25 प्रतिशत मामले ऐसे हैं, जहां मरीज को कोई भी लक्षण नहीं दिखे। वायरस के इतने बड़े स्तर पर फैलने का कारण भी यही माना जा रहा है। ऐसे में मास्क लगाने से आप खांसते या छींकते वक्त दूसरों के संक्रमित होने का खतरा कम कर देते हैं। आपके कीटाणु किसी और तक नहीं फैलते।
सांस के साथ निकलते हैं जर्म्सहॉन्गकॉन्ग यूनिवर्सिटी और मेरीलैंड यूनिवर्सिटी ने 111 लोगों पर एक स्टडी की। इस स्टडी में वायरल बीमारी से जूझ रहे लोगों से बिना मास्क लगाए एक ट्यूब में सांस छोड़ने को कहा। इसके बाद जांच में पाया गया कि खतरनाक सांस की बूंदें और छोटे पार्टिकल्स हवा में 30 प्रतिशत तक छोड़े। जबकि मास्क करीब 100 फीसदी संक्रामक जर्म्स को रोकने में सफल रहा।