जालंधर। कोरोना के खिलाफ शुरू हुई जंग को तब्लीगी जमात के लोग कमजोर कर रहे हैं। तमाम कोशिशों के बाद भी निजामुद्दीन मरकज से लौटे लोग सामने नहीं आ रहे हैं। पंजाब समेत कई राज्यों में जमातियों ने अपना फोन बंद कर लिया है, ताकि पुलिस और स्वाथ्स्य विभाग की टीम उन तक नहीं पहुंच पाए। इससे परेशान होकर पंजाब की अमरिंदर सरकार ने जमातियों को अल्टीमेटम दे दिया है। सरकार ने कहा है कि अगले 24 घंटे के अंदर मरकज से लौटे लोग, जो अभी तक राज्य में छिपे हुए हैं। वह नजदीक के पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट करें। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो फिर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
266 लोग इस बारे में बात कर रहे हैं
दरअसल, पंजाब में अब तक संक्रमण के 91 मामले सामने आ चुके हैं। इसमें 10 से ज्यादा तब्लीगी जमात से जुड़े बताए जा रहे हैं। ऐसे में सरकार को शंका है कि अगर तब्लीगी जमात के लोगों की जांच करके उन्हं अलग-थलग नहीं किया गया तो संक्रमण के आंकड़े तेजी से बढ़ सकते हैं। चिंता की बात यह है कि अभी तक सरकार के पास इस बात के आंकड़े नहीं हैं कि दिल्ली के मरकज में शामिल होकर कितने लोग पंजाब लौटे हैं। शुरुआत में राज्य के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने कहा कि प्रदेश से नौ लाेग ही जमात में शामिल हुए थे। इसके बाद उन्होंने कहा कि 900 लोग शामिल हुए थे। रविवार को पंजाब पुलिस ने यही आंकड़ा 432 बताया और कहा कि इनमें से 422 की पहचान कर ली गई है। बावजूद इसके अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इन लोगों की कुल संख्या कितनी है। वहीं लुधियाना के शेरपुर समेत राज्य के विभिन्न इलाकों में तब्लीगी जमात से जुड़े लोगों के द्वारा स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ बदसलूकी की घटनाएं भी सामने आई हैं।
हरियाणा: खुद सामने आए जमाती नहीं तो सख्त कार्रवाईपंजाब से सटे राज्य हरियाण में भी जमातियों से संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। हरियाणा में मंगलवार तक 121 संक्रमण के मामले सामने आए, इसमें 75 जमाती हैं। राज्य के स्वास्थ्य एवं गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि जमाती खुद सामने नहीं आ रहे। 24 घंटे में 154 जमातियों को और पुलिस ने खोजा। अब इनकी संख्या 1527 हो गई है। अंदेशा है कि जमाती अभी छिपे हैं। उन्होंने जमातियों को 8 अप्रैल की शाम 5 बजे तक का समय दिया कि वे खुद आगे आकर जिला प्रशासन को सूचना दें। वरना उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
