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चार गुना मुआवजे की मांग को लेकर झाबुआ के आदिवासी किसानों का अनिश्चितकालीन धरना चौथे दिन भी जारी

  • मालवा प्रांत कार्यकारिणी के 19 पदाधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे, पांचवें दिन बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस में होगी आंदोलन की आगामी रणनीति की घोषणा 
झाबुआ। बदनावर–तिमरवानी फोरलेन परियोजना में प्रभावित किसानों को चार गुना मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में 20 अगस्त से शुरू हुआ अनिश्चितकालीन धरना चौथे दिन भी लगातार जारी रहा। अपनी मांग को लेकर किसान धरना स्थल पर डटे हुए हैं। किसानों का कहना है कि फोरलेन परियोजना में उनकी कृषि भूमि प्रभावित हो रही है, ऐसे में उन्हें न्यायपूर्ण एवं नियमानुसार चार गुना मुआवजा दिया जाना चाहिए।
 आंदोलन के चौथे दिन किसानों के संघर्ष को मजबूती देने के लिए भारतीय किसान संघ मालवा प्रांत की कार्यकारिणी के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं अधिकारी बड़ी संख्या में धरना स्थल पर पहुंचे। इस दौरान प्रांत कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित हुई, जिसमें किसानों की समस्याओं, वर्तमान परिस्थितियों तथा आंदोलन की आगामी दिशा को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। 


 प्रांत कार्यकारिणी के 19 पदाधिकारी पहुंचे 

 धरना स्थल पर पहुंचे मालवा प्रांत कार्यकारिणी के पदाधिकारियों में प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश पाटीदार, राजेंद्र शर्मा, प्रदेश मंत्री लक्ष्मीनारायण पटेल, मालवा प्रांत अध्यक्ष रमेश दांगी, मालवा प्रांत महामंत्री अतुल माहेश्वरी, मालवा प्रांत संगठन मंत्री दिनेश शर्मा, मालवा प्रांत सह-संगठन मंत्री भारत सिंह बेस, मालवा प्रांत मंत्री महेश ठाकुर, मालवा प्रांत मंत्री रेवाराम सेठ, प्रांत उपाध्यक्ष दयाराम पाटीदार, प्रांत उपाध्यक्ष आनंद ठाकुर, मालवा प्रांत जैविक प्रमुख आनंद सिंह ठाकुर सहित प्रांत कार्यकारिणी के अन्य पदाधिकारी एवं सभी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रांत कार्यकारिणी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों के साथ संवाद किया तथा उनकी समस्याओं को विस्तार से जाना। किसानों ने फोरलेन परियोजना में प्रभावित होने वाली भूमि, मुआवजे और अपनी अन्य समस्याओं से प्रांत पदाधिकारियों को अवगत कराया। प्रांत पदाधिकारियों ने किसानों को भरोसा दिलाया कि भारतीय किसान संघ किसानों के अधिकारों की इस लड़ाई में उनके साथ खड़ा है। किसानों की जायज मांग को मजबूती से शासन-प्रशासन के सामने रखा जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। 


चार दिनों से धरने पर किसान 

20 अगस्त से शुरू हुए अनिश्चितकालीन धरने को चार दिन पूरे हो चुके हैं। किसान लगातार धरना स्थल पर मौजूद रहकर अपनी मांग के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। किसानों का कहना है कि उनकी जमीन उनके लिए केवल संपत्ति नहीं बल्कि परिवार की आजीविका का मुख्य आधार है। फोरलेन परियोजना के लिए जमीन जाने के बाद किसानों के सामने भविष्य की आजीविका का सवाल खड़ा हो रहा है। ऐसे में किसानों की मांग है कि उन्हें चार गुना मुआवजा दिया जाए, ताकि भूमि अधिग्रहण से होने वाले नुकसान की भरपाई हो सके और वे अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित कर सकें। किसानों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं। सड़क और आधारभूत संरचना का विकास आवश्यक है, लेकिन विकास की प्रक्रिया में किसानों के हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। जिन किसानों की जमीन परियोजना के लिए ली जा रही है, उनके साथ न्यायपूर्ण व्यवहार किया जाना आवश्यक है। 

प्रांत कार्यकारिणी की बैठक में बनी रणनीति 

धरना स्थल पर मालवा प्रांत कार्यकारिणी की बैठक में आंदोलन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में किसानों की मांग को लेकर शासन-प्रशासन के स्तर पर अब तक हुई गतिविधियों पर चर्चा की गई तथा आगे की रणनीति को लेकर पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे। बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि अधिक से अधिक प्रभावित किसानों को आंदोलन से जोड़ा जाए और उनकी आवाज को मजबूती से शासन तक पहुंचाया जाए। संगठन की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि किसानों के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। मालवा प्रांत कार्यकारिणी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के धरना स्थल पर पहुंचने से किसानों में भी उत्साह दिखाई दिया। किसानों ने कहा कि संगठन के वरिष्ठ नेतृत्व का उनके बीच पहुंचना उनके संघर्ष को नई ताकत देता है।

पांचवें दिन होगी बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस

आंदोलन के पांचवें दिन भारतीय किसान संघ द्वारा बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अब तक चले आंदोलन की पूरी स्थिति, किसानों की मांग तथा शासन-प्रशासन की भूमिका को सामने रखा जाएगा। इसके साथ ही प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आंदोलन की आगामी रणनीति की घोषणा की जाएगी। संगठन यह स्पष्ट करेगा कि किसानों की मांग का समाधान नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को किस दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा और आने वाले दिनों में कौन-कौन से कदम उठाए जाएंगे।

                                                                                                                                                                                            किसानों का संघर्ष जारी 

चार दिनों से लगातार चल रहे धरने के बावजूद किसानों में अपनी मांग को लेकर दृढ़ता बनी हुई है। किसानों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग शासन तक पहुंचा रहे हैं। उनकी मांग स्पष्ट है कि बदनावर–तिमरवानी फोरलेन से प्रभावित किसानों को चार गुना मुआवजा दिया जाए। भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों की मांग केवल आर्थिक लाभ का विषय नहीं है, बल्कि यह किसानों के अधिकार, उनकी आजीविका और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा विषय है। इसलिए शासन को किसानों की मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र न्यायपूर्ण निर्णय लेना चाहिए। अब आंदोलन पांचवें दिन में प्रवेश करने जा रहा है। पांचवें दिन होने वाली बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय किसान संघ द्वारा आंदोलन की आगामी दिशा और रणनीति की घोषणा की जाएगी। ऐसे में आने वाले दिनों में यह आंदोलन किस रूप में आगे बढ़ता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। किसानों का संकल्प स्पष्ट है—चार गुना मुआवजा और किसानों के साथ न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।