वॉशिंगटन। दुनिया में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 16 लाख से ज्यादा हो गया। इस दौरान 97 हजार 237 मौतें हुईं। अमेरिका में 4 लाख 68 हजार से ज्यादा पॉजिटिव केस मिले हैं। 16 हजार 691 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। न्यूयॉर्क के पास ब्रोंक्स आईलैंड पर बड़े पैमाने पर कब्रें बनाई गई हैं। इनमें ऐसे शवों को दफनाया जा रहा है जिनकी पहचान नहीं हो सकी है। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, इसके लिए मजदूरों को काम पर रखा गया है। स्पेन में गुरुवार और शुक्रवार के बीच यानी 24 घंटे में 605 लोगों की मौत हुई। डेथ रेट के हिसाब से देखें तो गुरुवार तक यह 4.7 था। शुक्रवार को यह 4 फीसदी हो गया।
फ्रांस : युद्धपोत पर 50 सैनिक संक्रमित
फ्रेंच डिफेंस मिनिस्ट्री ने आखिरकार यह मान लिया है कि उनके चार्ल्स डि गॉल युद्धपोत पर 50 सैनिक संक्रमित हैं। मिनिस्ट्री ने शुक्रवार शाम एक बयान में कहा, “कुल 66 सैनिकों के टेस्ट किए गए। 50 पॉजिटिव हैं। 9 अप्रैल को तीन सैनिकों को एयरक्राफ्ट कैरियर ले हॉस्पिटल लाया गया।” फिलहाल, यह शिप अटलांटिक महासागर में तैनात है। खास बात ये है कि 8 अप्रैल तक फ्रांस सरकार यह मानने तैयार नहीं थी कि इस युद्धपोत पर तैनात कोई सैनिक संक्रमित है। अब वो सीधे 50 सैनिकों के संक्रमित होने की बात मान रही है।
स्पेन : मौतों का आंकड़ा कम हुआ
स्पेन में गुरुवार और शुक्रवार के बीच यानी 24 घंटे में 605 लोगों की मौत हुई। डेथ रेट के हिसाब से देखें तो गुरुवार तक यह 4.7 था। शुक्रवार को यह 4 फीसदी हो गया। प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेझ ने कहा, “हम चरम की स्थिति से लौट रहे हैं। यह अच्छे संकेत हैं। स्पेन में शुक्रवार तक कुल 15 हजार 843 लोगों की मौत हो चुकी है। 11 मार्च के बाद यहां पहली बार एक दिन में सबसे कम केस (468) सामने आए। हालात में सुधार के संकेतों के बाद भी सरकार किसी प्रकार की ढिलाई के मूड में नहीं है। यहां आपातकाल 26 अप्रैल तक बढ़ाया जा चुका है। सांचेझ ने साफ कहा- अगर किसी प्रकार की छूट दी जाती है तो वायरस फिर खतरनाक साबित हो सकता है।
जर्मनी : यहां राहत नहीं
जर्मनी में शुक्रवार को 266 लोगों की मौत हुई। मरने वालों का आंकड़ा अब 2373 हो गया है। एक लाख 13 हजार 525 संक्रमित हैं। मुश्किल यह है कि नए केस तेजी से बढ़ रहे हैं। 24 घंटे में ही पांच हजार 323 मामले सामने आए। चांसलर एंजेला मर्केल ने कहा, “हमें सावधान रहकर बेहतरी की उम्मीद करनी चाहिए। ईस्टर करीब है लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग बिल्कुल न भूलें।”
इटली : मई तक लॉकडाउन बढ़ना लगभग तय
प्रधानमंत्री गिसेपी कोन्टे राष्ट्र को आज संबोधित कर सकते हैं। सीएनएन के मुताबिक, सरकार ने लॉकडाउन मई तक लागू करने का फैसला कर लिया है। इसकी घोषणा अब किसी भी वक्त की जा सकती है। कोन्टे पहले ही साफ कर चुके हैं कि देश इस वक्त किसी भी तरह की रिस्क नहीं ले सकता। हालांकि, ये भी तय है कि कुछ कारोबारी राहत दी जा सकती है। ये भी उन्हीं सेक्टर्स को दी जाएगी जिनसे देश की अर्थव्यवस्था सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है।
स्वीडन : लॉकडाउन से परहेज
स्वीडन को छोड़कर यूरोप के सभी देश लॉकडाउन कर चुके हैं। यहां रेस्टोरेंट्स और बार खुले हैं। स्कूल और खेल गतिविधियां भी बदस्तूर जारी हैं। कुछ प्रतिबंधों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्वीडन सरकार द्वारा लॉकडाउन न किए जाने के फैसले की आलोचना की थी। स्वीडिश फॉरेन मिनिस्टर एन लिन्डे ने ट्रम्प की आलोचना खारिज कर दी। कहा, “हम लॉकडाउन का समर्थन नहीं करते। हम ये चाहते हैं कि लोग खुद अपने जिम्मेदारी समझें और उन्हें पूरी तरह से निभाएं। इसके अच्छे मिल रहे हैं। और हमारे देश में हालात बेहतर हैं।” आंकड़ों की बात करें तो स्वीडन में शुक्रवार शाम तक कुल नौ हजार 141 मामले सामने आए। 793 लोगों की मौत हो चुकी है।
अमेरिका : ट्रम्प का फूड बैंक प्लान
अमेरिका में 25 साल से कम के 11%, 25 से 45 साल के बीच के 17% , 45 साल से 65 साल के बीच के 21% ,65 से 85 साल के बीच के 22% लोग और 85 साल से अधिक उम्र के 24% लोग संक्रमित मिले हैं। कोरोना की वजह से अमेरिका में अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। करीब 1 करोड़ 68 लोग बेरोजगार हो गए हैं। माना जा रहा है कि औसतन 10 में से 1 व्यक्ति कोरोना की वजह से बेरोजगार हुआ है। रेस्टोरेंट और दुकानें बंद होने से जरूरी सामान की किल्लत महसूस हो रही है सरकार ने फूड बैंक के माध्यम से राशन और खाने का सामान बांटना शुरू किया है।
