पथरिया। मध्य प्रदेश के पथरिया की यह तस्वीर आपका दिल दहला सकती है यह उस मजबूरी की तस्वीरें जहां नीचे सैलाव है और ऊपर ट्रेन की जान से खतरा। लोगों को दमोह पथरिया मार्ग पर अपना सफर तय करने के लिए अपनी जिंदगी और मौत से खेलकर अपना सफर तय करना पड़ता हैं करीब 5 साल पहले पूर्ण निर्माण की प्रक्रिया चालू करा दी गई, लेकिन विभागीय गड़वड़ी होने से कार्य पूर्णत: बंद इसका खामियाजा ग्रामीण लोग अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे पुल का इस्तेमाल कुछ इस कदर कर रहे हैं यह कोई आम रास्ता नहीं है बल्कि एक छोटी सी चूक में अपनी मौत को दावत देकर लोग अपनी मजबूरी को बयां कर रहे हैं कर रहे हैं।
ग्राम बेरखेड़ी से लगे हुए गांव
नौरू,मारा,इटवा,खिरिया,पिपरिया,पिपरिया सहित अन्य गांव ऐसे हैं जिनका दमोह मुख्यालय से संपर्क टूट गया पथरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती मरीजों के लिए आपातकालीन स्थिति में पथरिया गढ़ाकोटा से होते हुए जिला अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है
जनप्रतिनिधियों से लेकर प्रशासन सबको इसकी खबर लेकिन काम शून्य,
सरकार प्रदेश में दोबारा बदल गयी है लेकिन पथरिया की हालत जस की तस बनी हुई है। जनप्रतिनिधियों को सब कुछ मालूम होने के बाद भी इस पर ध्यान नहीं दिया जाता है जबकि विधायक सांसद, व अन्य अधिकारियों का आना इसी मार्ग से होता हैं आखिर क्यों इतने वर्षों से काम बंद है। हर बर्ष बारिश के समय पथरिया दमोह मार्ग बंद हो जाता है।
आपातकाल के समय ऐसे मौके पर यहाँ दो पहिया से लेकर चार पहिया वाहनों को बहते पानी से निकलना होता है जिससे जान माल का खतरा बना रहता है जिसके लिए पुलिस बल को सारे काम छोड़ कर पुल पर रहना पड़ता है ताकि कोई दुर्घटना न हो जाये।
लोकडॉन की वजह से ट्रेन ओर बसें भी बंद है जिससे ग्रामीण वर्ग पैदल रेलवे ट्रैक वाला ब्रिज पार कर रहे हैं। इसकी जानकारी लगते ही पुलिस बल ने मौके पर पहुंच कर लोगों को पुल पार करने से रोका।

