चार साल पहले सलमा ने पुत्र को जन्म दिया। उनका नाम दिव्यांश उर्फ शौर्य उर्फ बल्ला रखा। दोनों पति-पत्नी अच्छे से रहते थे। दिव्यांश के जन्म के एक साल बाद मदन लाल अपनी पत्नी के चरित्र पर शंका करने लगा। वह दिव्यांश को नाजायज बताकर पत्नी से विवाद करता था। इस बात को लेकर पति पत्नी के बीच आए दिन झगड़ा होने लगा। आरोपित मदन अपनी पत्नी से मारपीट करता था। पांच माह पहले सलमा ने बेटी को जन्म दिया। इसके बावजूद पति-पत्नी के बीच का विवाद खत्म नहीं हुआ।
मदन लाल बार-बार पहले पुत्र दिव्यांश को नाजायज बताकर झगड़ा करता था। शुक्रवार को सलमा बच्चों के साथ घर पर थी। दोपहर 2:30 बजे मदल लाल शराब पीकर घर पहुंचा। वह पत्नी के चरित्र पर संदेह जताते हुए विवाद करने लगा। वह दिव्यांश को दूसरे की संतान बोल रहा था। परेशान होकर सलमा अपनी पांच माह की बेटी को लेकर मायके चली गई। जबकि दिव्यांश अपने पिता मदन लाल के साथ घर पर ही था।
पत्नी से विवाद के बाद मदन लाल गुस्से में था। उसने शाम 4.30 बजे दिव्यांश को कमरे में बुलाया और दरवाजा को अंदर से बंद कर दिव्यांश का गला दबाने लगा। जब उसकी सांसें नहीं स्र्कीं तो दोनों पैर को उठाया बच्चे का सिर जमीन पर पटक दिया। देर रात वह बच्चे के शव को गांव की गली में छोड़कर घर आ गया। सुबह शव मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। कड़ाई से पूछताछ करने पर मदन लाल ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
