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गायत्री भील का जनपद अध्यक्ष बनना गुना के लिए गौरव की बात है-मंत्री महेंद्र सिसोदिया

गुना।अभी हाल ही केंद्र की मोदी सरकार ने जहां देश की पहली जनजातीय समुदाय से सम्बंध रखने वाली पहली राष्ट्रपति के रूप में श्रीमती द्रोपदी मुर्मू ने महामहिम के पद को सुशोभित किया है वहीं गुना ज़िले की वमौरी जनपद पंचायत के अध्यक्ष के चुनाव में भी इतिहास रचा गया है।यहाँ अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित था,जिस पर भील समाज से सम्बंध रखने वाली श्रीमती गायत्री भील को जनपद सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्विरोध अध्यक्ष चुना है।जनजातीय समुदाय की इस शिक्षित महिला को निर्विरोध अध्यक्ष बनाने में प्रदेश सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने बताया कि जनपद सदस्यों ने आपसी सामंजस्य दिखाते हुए गायत्री भील को अध्यक्ष बनाने का निर्णय निश्चित रूप में स्वागतयोग्य है,जो आने वाले समय में उदाहरण के रूप में देखा जाएगा।

भारतीय जनता पार्टी की सोच हमेशा से ही भेदभाव रहित, समरस तथा समानतामूलक समाज की स्‍थापना की रही है। बहन गायत्री भील का जनपद अध्यक्ष बनना भाजपा द्वारा समस्त आदिवासी और महिला समाज के भाल पर गौरव तिलक लगाने की तरह है। हमें अभी तक उपेक्षित और शोषित रहे वर्ग को समर्थ तथा सशक्त बनाना है। एक शिक्षित आदिवासी महिला का जनपद अध्यक्ष  बनना सामाजिक सोच को अंधकार से निकालकर प्रकाश में प्रवेश कराना है। मेरा दृढ़ विश्‍वास है कि जनपद अध्यक्ष के रूप में बहन गायत्री  आदिवासी उत्थान की प्रणेता बनेंगीं।

बमोरी के एक छोटे से गांव डिगडोली में विकास की नई इबारत लिखने के लिए गायत्री भील आगे आईं है। उनका कहना है कि उनकी माता कालीबाई और पिता राधू भील निरक्षर है। उन्होंने कभी स्कूल की शक्ल तक नहीं देखी, लेकिन उनके माता पिता ने उन्हें पढ़ाने के लिए स्कूल और गुना के कालेज में भेजा। माता कालीबाई का सपना था कि उनकी बेटी गायत्री जिले का नाम रोशन करे। साथ ही गरीब सर्वहारा वर्ग की मदद करने आगे गए। आज उनका यह सपना पूरा हो गया है।

आदिवासी परिवार की सबसे पढ़ी लिखी बेटी अब करेगी बमोरी का विकास

गायत्री भील ने पीजी कालेज से मास्टर डिग्री हासिल की है। उनका सपना है कि बमोरी क्षेत्र के ऐसे गांव जिनमें बेटियों को शिक्षा देने की वजाय खेतों पर काम करने के लिए भेजा जाता है। ऐसी बेटियों को वह पढ़ने को लेकर जागरूक करेंगी। साथ ही आदिवासी परिवार के बीच हर रोज जाकर बेटियों को पढ़ाकर रोजगार करने को प्रेरित भी करेंगी। जिससे बमोरी और गुना जिले का विकास होगा। साथ ही समाज भी मुख्य धारा से जुड़ जाएगा।