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जीआरपी भोपाल ने रेलवे स्टेशन से 2 वर्षीय बालक का अपहरण करने वाले आरोपी को मात्र 8 घंटे में किया गिरफ्तार

  • बालक को सकुशल परिजनों से मिलाया,  सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगालकर जीआरपी ने दिखाई तत्परता

भोपाल,। मध्यप्रदेश पुलिस की त्वरित कार्रवाई, संवेदनशीलता एवं पेशेवर जांच का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए जीआरपी भोपाल ने रेलवे स्टेशन से अपहृत 2 वर्षीय बालक को मात्र 8 घंटे के भीतर सकुशल दस्तयाब कर उसके परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया है।



रेल पुलिस अधीक्षक भोपाल अंकित जायसवाल के निर्देशन में इस गंभीर मामले को प्राथमिकता देते हुए तत्काल विशेष टीमों का गठन किया गया। थाना प्रभारी जीआरपी भोपाल निरीक्षक जहीर खान के नेतृत्व में गठित टीमों ने तकनीकी एवं मैदानी जांच के माध्यम से बालक को सुरक्षित बरामद करने में सफलता प्राप्त की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 26 मई को सीतू यादव निवासी जिला कटनी अपने पति के साथ मजदूरी की तलाश में भोपाल आई थीं। उनका पति मजदूरी के लिए चला गया, जबकि वे अपने 02 वर्षीय पुत्र के साथ भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक-1 स्थित नई भवन के मुसाफिरखाने के सामने बैठी थीं। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति बच्चे को गोद में खिलाने के बहाने अपने साथ लेकर चला गया।                                                                                        
जीआरपी टीम ने खंगाले सीसीटीवी और इटारसी में ट्रेन से उतरते हुए पकड़ा

घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी भोपाल ने तत्काल प्रकरण पंजीबद्ध कर रेलवे स्टेशन परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का सूक्ष्म परीक्षण किया। जांच के दौरान फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति बालक को गोद में लेकर रेलवे स्टेशन परिसर से बाहर जाते हुए तथा इटारसी दिशा की ओर जाने वाली ट्रेन में सवार होता दिखाई दिया। पुलिस टीमों ने तकनीकी विश्लेषण एवं सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसका पीछा किया। लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप आरोपी को ट्रेन क्रमांक 12621 तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल कोच से उतरते समय घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। आरोपी राजू गुप्ता पिता वीर बहादूर गुप्ता, उम्र 25 साल, निवासी मस्जिद के पीछे किराये का मकान, सिंकदरी सराय, स्टेशन बजरिया, जिला भोपाल (मप्र) को गिरफ्तार करके पूछताछ की जा रही है। 

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से अपहृत बालक को सकुशल दस्तयाब कर उसे उसके परिजनों के सुपुर्द किया। बालक के सुरक्षित मिलने पर परिजनों ने जीआरपी भोपाल का आभार व्यक्त किया।

इस कार्रवाई ने एक बार फिर सिद्ध किया है कि मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों की सुरक्षा एवं विशेषकर बच्चों से संबंधित अपराधों के प्रति अत्यंत संवेदनशील है तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। 

सराहनीय भूमिका निभाने वाली जीआरपी भोपाल की टीम

इस मामले में मासूम बालक की दस्तयाबी और आरोपी की गिरफ्तारी में रामस्नेही चौहान उपपुलिस अधीक्षक रेल भोपाल, निरीक्षक जहीर खान, उपनिरीक्षक बीपी उईके, उपनिरीक्षक मिथलेश भारद्वाज, सहायक उपनिरीक्षक बीजी शुक्ला, प्रधान आरक्षक 142 संजय धाकड, प्रधान आरक्षक 112 अनिल सिंह, आरक्षक 21 राजेश दांगी, आरक्षक 602 बृजेश, आरक्षक 698 सचिन जाट, आरक्षक 07 अनिरूद जीआरपी भोपाल की सराहनीय भूमिका रही है।