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वैट का कहर: पेट्रोल और डीजल पर देश के मुकाबले मध्यप्रदेश में प्रति लीटर 28 से 30 रुपए ज्यादा वसूले जा रहे

  • मध्यप्रदेश सरकार पेट्रोल-डीजल पर तुरंत VAT में कटौती करे ताकि जनता को ₹12–15 प्रति लीटर की राहत मिल सके: उमंग सिंघार, नेता प्रतिपक्ष

भोपाल।   
मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पेट्रोल डीजल के बढ़े दामों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है साथ ही प्रदेश सरकार से पेट्रोल-डीजल पर लगने वाला टैक्स कम करने की मांग की है ताकि जनता को राहत मिल सके।


नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज देश के बड़े शहरों में भोपाल सबसे महंगे पेट्रोल वाले शहरों में शामिल है। दिल्ली में पेट्रोल लगभग ₹98.67 प्रति लीटर है, जबकि भोपाल में यही पेट्रोल ₹110.70 प्रति लीटर बिक रहा है। यानी मध्यप्रदेश की जनता हर लीटर पर दिल्ली से लगभग ₹12 ज्यादा चुका रही है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर क्यों?

श्री सिंघार ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार वर्तमान में पेट्रोल पर 29% VAT + ₹2.5 प्रति लीटर अतिरिक्त VAT + 1% सेस वसूल रही है। डीज़ल पर भी 19% VAT + ₹1.5 प्रति लीटर अतिरिक्त VAT + 1% सेस लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि पेट्रोल ₹110 प्रति लीटर है, तो अकेले मध्यप्रदेश सरकार लगभग ₹28–30 प्रति लीटर टैक्स के रूप में वसूल रही है।

नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि महंगा पेट्रोल और डीज़ल सिर्फ वाहन चलाना महंगा नहीं करते — इसका असर पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। डीज़ल महंगा होगा तो ट्रांसपोर्ट महंगा होगा, ट्रांसपोर्ट महंगा होगा तो सब्जी, दूध, राशन, खेती, निर्माण सामग्री और रोजमर्रा की हर चीज महंगी होगी।

उमंग सिंघार ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार को तुरंत VAT और Cess में कटौती करनी चाहिए ताकि पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में कम से कम ₹12–15 प्रति लीटर की राहत जनता को मिल सके। उन्होंने कहा कि जनता को भाषण नहीं, महंगाई से राहत चाहिए।