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मार्क्सवादी कम्युनिष्ट पार्टी की दो दिवसीस राज्यसमिति की बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन का फैसला

  • बढ़ती महंगाई को रोकने और मनरेगा बहाली करके 200 दिन तक 600 रुपए प्रति दिन की मजदूरी की मांगें होंगी बुलंद

भोपाल। बढ़ती महंगाई के विरोध में और मनरेगा को बहाल करके 600 रुपए रोज की मजदूरी सुनिश्चित करने के लिए माकपा (मार्क्सवादी कम्युनिष्ट पार्टी) दस दिवसीय प्रदेशव्यापी अभियान 1 जून से 10 जून तक चलाएगी। इसमें शहरी क्षेत्रों में पदयात्रा होगी, तो गांव-गांव मोटरसाइकिल जत्थे पहुंचेंगे और केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ जनता की आवाज को बुलंद करेंगे।



इस अभियान का निर्णय माकपा की राज्य समिति की दो दिवसीय बैठक में लिया गया है। यह जानकारी बैठक के बाद मीडिया से माकपा के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने साझा की। उन्होंने बताया कि बैठक में लिए निर्णय के अनुसार सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण समाज के विभिन्न तबकों पर पड़ रहे दुष्प्रभावों के विरोध में प्रदेशव्यापी अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के दौरान पार्टी के कार्यकर्ता शहरी क्षेत्रों में पदयात्रा करेंगे तो वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में मोटरसाइकिल जत्थों से निकलेंगे। यह गांवों में संवाद करेंगे और सरकार की नाकामियों और जनविरोधी नीतियो के बारे में बताएंगे।                                                                                                                 
यह हुए राज्य समिति की बैठक में शामिल                                                                                                                                                                                                                                                                                          
बैठक में दिल्ली से पोलित ब्यूरो सदस्य एस. अरुण कुमार के साथ पार्टी के राज्य सचिव मंडल सदस्य प्रमोद प्रधान, बादल सरोज, संध्या शैली, नीना शर्मा, अखिलेश यादव, कैलाश लिंबोदिया, एटी पदमनाभन थे, तो बैठक की अघ्यक्षता सचिव मंडल सदस्य अशोक तिवारी ने की। बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों से राज्य समिति के 35 सदस्यों ने शिरकत की।                                                                                                                                             


माकपा ने ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन को भी मुद्दा बनाया

माकपा ने कहा है कि श्रम कानूनों को बहाल करने और 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन देने, मनरेगा को बहाल कर दो सौ दिन काम और 600 रुपये मजदूरी देने की मांगों के अलावा ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में विस्थापन रोकने के साथ ही हर क्षेत्र की स्थानीय मांगों को भी जोड़ा गया है। अभियान में पेट्रोल, डीजल गैस की कीमतों में वृद्धि से बढ़ती महंगाई को भी बेनकाब किया जाएगा। इस अभियान में दीवार लेखन, पर्चा वितरण, नुक्कड सभाओं और आम सभाओं से जनता तक पहुंचने का प्रयास किया किया जाएगा। अभियान का समापन बड़ी सभाओं, सत्याग्रह और प्रदर्शनों से होगा।