- राज्य कर्मचारी संघ एवं वाहन कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि मंडल ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके को सौंपा ज्ञापन
भोपाल। राज्य कर्मचारी संघ एवं वाहन कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि मंडल ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके से कार्यभारित सेवा भर्ती नियम-2012 के कारण ठप हुई पदोन्नति को चालू करने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।
इस बारे में राज्य कर्मचारी संघ एवं वाहन कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि मंडल ने पीएचइ मंत्री संपतिया उइके से भोपाल स्थित आवास में मिलकर विभागीय समस्याओं के संबंध में ज्ञापन दिया। प्रतिनिधि मंडल में खुर्शीद अहमद सिद्दीकी अधिकारी कर्मचारी पेंशनर महासंघ, दिव्यकांत गौर प्रदेश संयोजक, उवेस अली खान प्रदेश सह संयोजक, मोहम्मद नातिक कार्यभारित प्रकोष्ठ प्रमुख, मुरली राजपूत कार्यालय मंत्री, हृदय राम यादव राज्य कर्मचारी संघ एवं वाहन चालक संघ के कलीम खान के साथ ही दिवाकर तिवारी प्रांताध्यक्ष समयपाल महासंघ शामिल थे।
पीएचई मंत्री से यह मांगें की
प्रमुख समस्याओं जैसे विभाग का अन्य विभागों में विलीनीकरण कार्यभारित कर्मचारियों की अनुकम्पा नियुक्ति में आ रही कठिनाइयों, सेवा निवृत्त एवं मृत्यु के उपरांत स्वत्वों के शीघ्र भुगतान हेतु निर्देश देने एवं समयमान वेतनमान समय से न होने, परामर्शदात्री की बैठक हर तीन माह में कराने हेतु निर्देश दिए जाने की मांग की गई। इसके साथ ही नियमित स्थापना के डिप्लोमा धारी कर्मचारियों की सीमित परीक्षा आयोजित करने की मांग की गई, ताकि न्यायालय के निर्णय आने पर औपचारिक आदेश जारी किये जा सकें।
बिना कर्मचारी संघों से विचार विमर्श जारी किए नियम
इसी तरह कार्यभारित सेवा भर्ती नियम 2012 भी बिना कर्मचारी संघों से विचार विमर्श या सहमति के जारी करने पर आपत्ति जताते कहा गया कि इससे कार्यभारित के समस्त पदों को सीधी भर्ती का करने से पदोन्नति के रास्ते हमेशा के लिए बंद हो गए हैं। यह करना न्याय संगत नहीं है, ऐसे में पीएचई मंत्री से आवश्यक दिशा निर्देश जारी करने का अनुरोध किया। इस पर मंत्री ने समस्त समस्याओं पर विचार करके उचित निर्णय लिए आने का आश्वासन दिया है।
पीएचई मंत्री से यह मांगें की
प्रमुख समस्याओं जैसे विभाग का अन्य विभागों में विलीनीकरण कार्यभारित कर्मचारियों की अनुकम्पा नियुक्ति में आ रही कठिनाइयों, सेवा निवृत्त एवं मृत्यु के उपरांत स्वत्वों के शीघ्र भुगतान हेतु निर्देश देने एवं समयमान वेतनमान समय से न होने, परामर्शदात्री की बैठक हर तीन माह में कराने हेतु निर्देश दिए जाने की मांग की गई। इसके साथ ही नियमित स्थापना के डिप्लोमा धारी कर्मचारियों की सीमित परीक्षा आयोजित करने की मांग की गई, ताकि न्यायालय के निर्णय आने पर औपचारिक आदेश जारी किये जा सकें।
बिना कर्मचारी संघों से विचार विमर्श जारी किए नियम
इसी तरह कार्यभारित सेवा भर्ती नियम 2012 भी बिना कर्मचारी संघों से विचार विमर्श या सहमति के जारी करने पर आपत्ति जताते कहा गया कि इससे कार्यभारित के समस्त पदों को सीधी भर्ती का करने से पदोन्नति के रास्ते हमेशा के लिए बंद हो गए हैं। यह करना न्याय संगत नहीं है, ऐसे में पीएचई मंत्री से आवश्यक दिशा निर्देश जारी करने का अनुरोध किया। इस पर मंत्री ने समस्त समस्याओं पर विचार करके उचित निर्णय लिए आने का आश्वासन दिया है।
