- अंबेडकर मैदान में लघु वेतन कर्मचारियों की हुंकार, 15 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम सहायक पुलिस आयुक्त टीटी नगर भोपाल को सौंपा ज्ञापन
धरना-सभा को संबोधित करते हुए प्रांतीय अध्यक्ष महेंद्र शर्मा ने कहा कि प्रदेश के लाखों अल्प वेतनभोगी कर्मचारी वर्षों से अपनी जायज मांगों के निराकरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन शासन स्तर पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन कर्मचारियों के सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और बेहतर भविष्य की लड़ाई है। सरकार को कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र सकारात्मक पहल करनी चाहिए। महेंद्र शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि 15 सूत्रीय मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं की गई, तो मध्य प्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ प्रदेशभर में चरणबद्ध एवं व्यापक आंदोलन प्रारंभ करेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
धरना-प्रदर्शन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए हजारों कर्मचारियों, पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में सरकार से शीघ्र न्यायपूर्ण निर्णय लेने का आग्रह किया गया।
धरना-प्रदर्शन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए हजारों कर्मचारियों, पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में सरकार से शीघ्र न्यायपूर्ण निर्णय लेने का आग्रह किया गया।

इन्होंने भी किया प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को संबोधित
धरना दे रहे कर्मचारियों को में मुख्य रूप से एग्रो कारपोरेशन के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर परसाई, निगम कारपोरेशन समन्वय महासंघ के अध्यक्ष अनिल बाजपेई, प्रमुख पेंशन संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण कैलाशिया, संविदा अधिकारी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौड़, शिक्षक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सतीश शर्मा, राज कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष सुभाष शर्मा ने भी सभा को संबोधित किया। आभार व्यक्त करने के लिए जिला अध्यक्ष राम कुंडल सेन एवं कार्यक्रम का मंच संचालन प्रदेश महामंत्री अजय दुबे ने किया।
इन मांगो को गिनाते निराकरण की मांग
ज्ञापन में प्रदेश के विभिन्न कर्मचारी वर्गों की प्रमुख मांगों को शामिल किया गया। इनमें कार्यभारित आकस्मिक कर्मचारियों को 300 दिन का अवकाश नगदीकरण, नियमित पदस्थापना, पदोन्नति एवं समयमान वेतनमान का लाभ; आंगनवाड़ी, आशा, उप-आशा, आशा सहयोगी, आशा सुपरवाइजर, अंशकालीन कर्मचारी, मध्यान्ह भोजन रसोईया, ग्राम कोटवार, आउटसोर्स तथा नगर परिषद, नगर पालिका एवं नगर निगम कर्मचारियों को नियमितीकरण अथवा शासकीय कर्मचारी का दर्जा, न्यूनतम 30,000 रुपए मासिक वेतन या मानदेय, समान कार्य के लिए समान वेतन, ईपीएफ, ईएसआई, पेंशन, ग्रेच्युटी, स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा सहित सामाजिक सुरक्षा, सेवा सुरक्षा, पदोन्नति, समयमान वेतनमान, वरिष्ठता का लाभ एवं समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल हैं। साथ ही प्रत्येक संवर्ग की विभागवार लंबित समस्याओं के त्वरित निराकरण की भी मांग की गई।
ज्ञापन में प्रदेश के विभिन्न कर्मचारी वर्गों की प्रमुख मांगों को शामिल किया गया। इनमें कार्यभारित आकस्मिक कर्मचारियों को 300 दिन का अवकाश नगदीकरण, नियमित पदस्थापना, पदोन्नति एवं समयमान वेतनमान का लाभ; आंगनवाड़ी, आशा, उप-आशा, आशा सहयोगी, आशा सुपरवाइजर, अंशकालीन कर्मचारी, मध्यान्ह भोजन रसोईया, ग्राम कोटवार, आउटसोर्स तथा नगर परिषद, नगर पालिका एवं नगर निगम कर्मचारियों को नियमितीकरण अथवा शासकीय कर्मचारी का दर्जा, न्यूनतम 30,000 रुपए मासिक वेतन या मानदेय, समान कार्य के लिए समान वेतन, ईपीएफ, ईएसआई, पेंशन, ग्रेच्युटी, स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा सहित सामाजिक सुरक्षा, सेवा सुरक्षा, पदोन्नति, समयमान वेतनमान, वरिष्ठता का लाभ एवं समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल हैं। साथ ही प्रत्येक संवर्ग की विभागवार लंबित समस्याओं के त्वरित निराकरण की भी मांग की गई।

