- शामगढ़ के मुस्लिम युवाओं ने पेश की साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल
इस पूण्य जल सेवा मिशन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। युवाओं द्वारा दिनभर बिना किसी भेदभाव के धर्म से ऊपर उठकर बिना जात पात और धर्म के मानवता को आगे रख इंसानियत की मिसाल पेश की और ट्रेनों के साथ ही बस यात्रियों को भी पानी की बोतले और फल वितरित किए गए साथ ही सिविल अस्पताल शामगढ़ में भर्ती मरीजों को भी फल बिस्किट और पानी की बोतले वितरित कि गई । और ईमाम हुसैन के बताए सच्चाई, ईमानदारी और इंसानियत के रास्ते पर चलने का निर्णय लिया।
गौरतलब है 10 मोहर्रम को पैगम्बर मोहम्मद साहब के नवासे ईमाम हुसैन(अस) को सन 61 हिजरी में क्रूर शासक द्वारा उनके 72 साथियों सहित जिसमे महिलाए और 6 माह तक के बच्चे भी शामिल थे तब तीन दिन तक भूखा प्यास रख शाहिद कर दिया गया था, ईमाम हुसैन परिवार सहित शहीद हो गए पर उन्होंने इंसानियत और सच्चाई का साथ नही छोड़ा इस ही कि याद में मुस्लिम समाज मोहर्रम पर्व मानता है ओर इस दिन लोगो को पानी,शर्बत, फल, खाना खिलाकर इंसानियत का फर्ज निभाते हुए ईमाम हुसैन के इंसानियत के लिए दिए बलिदान को याद करता है।
शामगढ़। मुहर्रम के अवसर पर निकले ताजिया जुलूस के दौरान शुक्रवार शाम सब्जी मंडी चौराहे पर मुस्लिम समाजजनों ने प्रशासनिक अधिकारियों का साफा पहनाकर अभिनंदन किया। इस दौरान तहसीलदार किरण गहलोत, सीएमओ सुरेश यादव, थाना प्रभारी कपिल सौराष्ट्रीय तथा कस्बा पटवारी मुकेश सालवी का सम्मान कर उनके सहयोग और बेहतर व्यवस्थाओं के लिए आभार व्यक्त किया गया।



