- यूनिक एंप्लाई आईडी जारी नहीं करने और सातवें वेतनमान का ऐरियर प्रदान नहीं करने के खिलाफ कर्मचारियों ने की हमीदिया अस्पताल में सभा

यह अल्टीमेटम राजन नायर ने 30 जून 2026 को चिकित्सा शिक्षा कर्मचारी संयुक्त मोर्चा द्वारा कर्मचारियों की लंबित मांगों के समर्थन में चलाए जा रहे चरणबद्ध आंदोलन के अंतर्गत आज रीजनल इंस्टीट्यूट आॅफ रेस्पिरेटरी डिजीज (फकफऊ), भोपाल में गेट मीटिंग को संबोधित करते हुए दिया। इस विरोध सभा में रेडियोग्राफर, फार्मासिस्ट, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल, लैब टेक्नीशियन, ड्रेसर तथा अन्य संवर्गों के कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर अपनी एकजुटता का परिचय दिया।
गेट मीटिंग को संबोधित करने वाले
गेट मीटिंग को भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश मंत्री राजन नायर, मेडिकल एवं हेल्थ नर्सिंग एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष धनराज नागर, संभाग सचिव श्रीमती किरण शर्मा, चिकित्सा शिक्षा कर्मचारी कल्याण समिति के प्रदेश सचिव नरेश बिल्लोरे, जिला अध्यक्ष सर्वेश जोशी, पैरामेडिकल एम्प्लॉइज एसोसिएशन के बसंत कुर्मी एवं अनिल शुक्ला, स्टेट फार्मासिस्ट एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष ज्ञानेंद्र तथा रेडियोग्राफर संघ के उपाध्याय, बीपी ओझा, मनीष सोनी, भास्कर एवं विष्णु सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।
यह है कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
वक्ताओं ने कर्मचारियों की प्रमुख मांगों, जिनमें यूनिक एम्प्लॉयी आईडी जारी करना, 01 जनवरी 2016 से सातवें वेतनमान का वास्तविक एरियर प्रदान करना, ग्रेड-पे एवं वेतन विसंगतियों का निराकरण, समयबद्ध पदोन्नति तथा अन्य लंबित सेवा संबंधी मांगों का शीघ्र समाधान शामिल है, पर शासन का ध्यान आकर्षित किया। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के कर्मचारी निरंतर समर्पण और निष्ठा के साथ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, इसलिए उनकी न्यायोचित मांगों का शीघ्र निराकरण किया जाना आवश्यक है।
मांगें नहीं मानी तो होगा प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन
बैठक में उपस्थित सभी कर्मचारियों ने संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में आंदोलन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया तथा स्पष्ट किया कि यदि कर्मचारियों की जायज लंबित मांगों का निराकरण नहीं किया जाता है तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।
वक्ताओं ने कर्मचारियों की प्रमुख मांगों, जिनमें यूनिक एम्प्लॉयी आईडी जारी करना, 01 जनवरी 2016 से सातवें वेतनमान का वास्तविक एरियर प्रदान करना, ग्रेड-पे एवं वेतन विसंगतियों का निराकरण, समयबद्ध पदोन्नति तथा अन्य लंबित सेवा संबंधी मांगों का शीघ्र समाधान शामिल है, पर शासन का ध्यान आकर्षित किया। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के कर्मचारी निरंतर समर्पण और निष्ठा के साथ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, इसलिए उनकी न्यायोचित मांगों का शीघ्र निराकरण किया जाना आवश्यक है।
मांगें नहीं मानी तो होगा प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन
बैठक में उपस्थित सभी कर्मचारियों ने संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में आंदोलन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया तथा स्पष्ट किया कि यदि कर्मचारियों की जायज लंबित मांगों का निराकरण नहीं किया जाता है तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।