- नेशनल हेल्थ मिशन सैकड़ों कर्मचारियों ने भोपाल में प्रदर्शन के बाद एनएचएम की मिशन डायरेक्टर के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा

भोपाल। भोपाल में मध्य प्रदेश राज्य आउटसोर्स कर्मचारी संघ के प्रदेश संगठन मंत्री राम द्विवेदी एवं प्रदेश मंत्री गुलशन मंसूरी के नेतृत्व में नेशनल हेल्थ मिशन की एमडी के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन सौंपते हुए बताया गया कि मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों, विशेषकर उज्जैन में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को प्रचलित कलेक्टर दर से कम वेतन भुगतान एवं संबंधित एजेंसी की मनमानी की जा रही हैं। प्रदेश के स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों का आर्थिक शोषण हो रहा हैं।
ज्ञापन सौंपते हुए बताया गया कि मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों, विशेषकर उज्जैन में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को प्रचलित कलेक्टर दर से कम वेतन भुगतान एवं संबंधित एजेंसी की मनमानी की जा रही हैं। प्रदेश के स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों का आर्थिक शोषण हो रहा हैं।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में कर्मचारियों को शासन द्वारा निर्धारित 'कलेक्टर दर' के अनुसार भुगतान नहीं किया जा रहा है। इस संदर्भ में विशेष रूप से उज्जैन जिले की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है, जहाँ तैनात सुरक्षाकर्मी, मेडिकल स्टाफ, चपरासी एवं कंप्यूटर आॅपरेटरों को न्यूनतम वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। ये कर्मचारी मात्र 6,000 से 8,000 रुपये के अल्प मानदेय पर कार्य करने को मजबूर हैं, जो कि श्रम कानूनों का सीधा उल्लंघन है। उज्जैन जिले में सेवा प्रदाता एजेंसी 'यश गोविंद मार्केटिंग' द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों को निर्धारित कलेक्टर दर से बहुत कम भुगतान किया जा रहा है। इन कर्मचारियों का भारी आर्थिक शोषण हो रहा है।
परिवारों की हालत दयनीय हो चुकी है, तत्काल सुधार जरुरी
कर्मचारी विषम परिस्थितियों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रखने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। ऐसी स्थिति में, विभाग की चुप्पी से इनका मनोबल गिर रहा है और परिवारों के समक्ष भारी आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। आग्रह किया गया है कि विषय को गंभीरता से लेते हुए उज्जैन जिले एवं अन्य स्थानों पर तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों को उनका देय वेतन अविलंब दिलाने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करने किया जाए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं में आउटसोर्स कर्मचारी उपस्थित रहे ।
कर्मचारी विषम परिस्थितियों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रखने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। ऐसी स्थिति में, विभाग की चुप्पी से इनका मनोबल गिर रहा है और परिवारों के समक्ष भारी आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। आग्रह किया गया है कि विषय को गंभीरता से लेते हुए उज्जैन जिले एवं अन्य स्थानों पर तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों को उनका देय वेतन अविलंब दिलाने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करने किया जाए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं में आउटसोर्स कर्मचारी उपस्थित रहे ।
संबंधित अधिकारी की उदासीनता
इस आर्थिक शोषण के विषय में संगठन द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), उज्जैन को कई बार ज्ञापन सौंपे गए एवं पत्र प्रेषित किए गए। बावजूद विभाग द्वारा अब तक न तो कोई ठोस कार्यवाही की गई और न ही संगठन को कार्यवाही के संबंध में कोई वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया है।
ठेका एजेंसी पर तत्काल कार्यवाही की मांग
आउटसोर्स कर्मचारियों ने 'यश गोविंद मार्केटिंग' कंपनी द्वारा बरती जा रही अनियमितताओं और आर्थिक शोषण की उच्च स्तरीय जांच करने की मांग की है। साथ ही श्रम कानूनों का उल्लंघन करने के कारण उक्त एजेंसी के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने की भी मांग की है।
इस आर्थिक शोषण के विषय में संगठन द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), उज्जैन को कई बार ज्ञापन सौंपे गए एवं पत्र प्रेषित किए गए। बावजूद विभाग द्वारा अब तक न तो कोई ठोस कार्यवाही की गई और न ही संगठन को कार्यवाही के संबंध में कोई वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया है।
ठेका एजेंसी पर तत्काल कार्यवाही की मांग
आउटसोर्स कर्मचारियों ने 'यश गोविंद मार्केटिंग' कंपनी द्वारा बरती जा रही अनियमितताओं और आर्थिक शोषण की उच्च स्तरीय जांच करने की मांग की है। साथ ही श्रम कानूनों का उल्लंघन करने के कारण उक्त एजेंसी के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने की भी मांग की है।
प्रचलित कलेक्टर दर लागू करवाई जाए
प्रदेश के समस्त जिलों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को संबंधित जिले की वर्तमान प्रचलित कलेक्टर दर के अनुरूप ही मासिक वेतन का भुगतान अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।
वेतन विसंगति एवं एरियर
जिन कर्मचारियों को निर्धारित दर से कम भुगतान किया गया है, उनका तत्काल संपूर्ण मानयदेय का आकलन कर बकाया राशि का एरियर सहित भुगतान करवाया जाए।
पारदर्शिता एवं अनुश्रवण
आउटसोर्स एजेंसियों द्वारा किए जा रहे भुगतान की नियमित समीक्षा हेतु एक प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी कर्मचारी का आर्थिक शोषण न हो।
प्रदेश के समस्त जिलों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को संबंधित जिले की वर्तमान प्रचलित कलेक्टर दर के अनुरूप ही मासिक वेतन का भुगतान अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।
वेतन विसंगति एवं एरियर
जिन कर्मचारियों को निर्धारित दर से कम भुगतान किया गया है, उनका तत्काल संपूर्ण मानयदेय का आकलन कर बकाया राशि का एरियर सहित भुगतान करवाया जाए।
पारदर्शिता एवं अनुश्रवण
आउटसोर्स एजेंसियों द्वारा किए जा रहे भुगतान की नियमित समीक्षा हेतु एक प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी कर्मचारी का आर्थिक शोषण न हो।


