मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने उक्त बयान जारी करते हुए कहा है कि इस साल सरकार ने मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8768 रुपये प्रति क्विंटल और उड़द का समर्थन मूल्य 7800 रुपए घोषित किया है, मगर लूट का आलम यह है कि मूंग 6000 से 7400 रुपये प्रति क्विंटल खरीदी जा रही है और उड़द 6000 से 7000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी जा रही है l इससे किसानों की लूट का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है l
माकपा नेता ने कहा है कि किसानों की लूट को भाजपा प्रदेश सरकार का संरक्षण इसी बात से स्पष्ट हो जाता है कि आम तौर पर यह फसलें 10 जून तक पक जाती हैं लेकिन सरकार की ओर से सरकारी खरीद की अवधि 1 जुलाई से 10 अगस्त तक घोषित की गई है l विडंबना यह है कि जब मंडियों में किसानों की बेतहाशा लूट हो रही है, तब मुख्यमंत्री मूंग का हर दाना एमएसपी पर खरीदने की डींगें हांक कर किसानों के जख्मों पर नमक छिड़क रहे हैं l
जसविंदर सिंह ने कहा है कि प्रदेश के 38 जिलों के 3.56 लाख मूंग उत्पादक किसानों ने अपना पंजीयन करवाया है, जबकि 28 जिलों के उड़द उत्पादक किसानों का पंजीकरण हुआ है l दोनों फसलों का उत्पादन 30 लाख टन से अधिक होने की संभावना है l यदि एक क्विंटल पर किसान की 1500 रुपए भी लूट हो तो 4500 करोड़ रुपए लूट मूंग और उड़द उत्पादक किसानों की हो रही है I
माकपा नेता ने कहा है कि जब भाजपा और मुख्यमंत्री किसानों की मूंग एमएसपी पर खरीदने की बात कर रहे हैं, तो जैसे गेहूं खरीदी के मामले में फ़र्जी किसान बन कर पुराना गेहूं बेचकर भाजपा नेताओं और बिचौलियों ने अपनी तिजोरियां भरी हैं, भिंड और मुरैना में तो प्रशासन ने इन भाजपा नेताओं और कर्मचारियों पर मुकदमा भी दर्ज किया है l अब वही लूट कर सरकार किसानों की लूट से बिचौलियों और दलालों की तिजोरियां भरने की व्यवस्था कर रही है I
माकपा नेता ने कहा है कि किसानों की लूट को भाजपा प्रदेश सरकार का संरक्षण इसी बात से स्पष्ट हो जाता है कि आम तौर पर यह फसलें 10 जून तक पक जाती हैं लेकिन सरकार की ओर से सरकारी खरीद की अवधि 1 जुलाई से 10 अगस्त तक घोषित की गई है l विडंबना यह है कि जब मंडियों में किसानों की बेतहाशा लूट हो रही है, तब मुख्यमंत्री मूंग का हर दाना एमएसपी पर खरीदने की डींगें हांक कर किसानों के जख्मों पर नमक छिड़क रहे हैं l
जसविंदर सिंह ने कहा है कि प्रदेश के 38 जिलों के 3.56 लाख मूंग उत्पादक किसानों ने अपना पंजीयन करवाया है, जबकि 28 जिलों के उड़द उत्पादक किसानों का पंजीकरण हुआ है l दोनों फसलों का उत्पादन 30 लाख टन से अधिक होने की संभावना है l यदि एक क्विंटल पर किसान की 1500 रुपए भी लूट हो तो 4500 करोड़ रुपए लूट मूंग और उड़द उत्पादक किसानों की हो रही है I
माकपा नेता ने कहा है कि जब भाजपा और मुख्यमंत्री किसानों की मूंग एमएसपी पर खरीदने की बात कर रहे हैं, तो जैसे गेहूं खरीदी के मामले में फ़र्जी किसान बन कर पुराना गेहूं बेचकर भाजपा नेताओं और बिचौलियों ने अपनी तिजोरियां भरी हैं, भिंड और मुरैना में तो प्रशासन ने इन भाजपा नेताओं और कर्मचारियों पर मुकदमा भी दर्ज किया है l अब वही लूट कर सरकार किसानों की लूट से बिचौलियों और दलालों की तिजोरियां भरने की व्यवस्था कर रही है I
जसविंदर सिंह ने कहा है कि सरकार की इन्हीं नीतियों से दलहन का उत्पादन घट रहा है l पिछले साल 10 लाख हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र मे मूंग बोई गयी थी, जबकि इस साल यह रकबा 9 लाख हेक्टेयर ही रह गया है l
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने किसानों की लूट बंद करने, उनकी फ़सल को निर्धारित एमएसपी पर खरीदने की मांग करते हुए किसानो से भी एकजुट हो कर इस लूट का विरोध करने की मांग की है I
