- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवीन भर्ती में चयनित पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र बांटे, 58 संवर्गों में 27,534 पदोन्नत अधिकारी और कर्मचारियों को बैज लगाए
- खंडवा में बनेगी पुलिस बटालियन, प्रदेश में तीन राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल गठित किये जाएंगे, बैगा, भारिया एवं सहरिया युवाओं की विशेष कम्पनियां बनाई जायेंगी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि सरकार ने तय किया है कि पुलिस बल और पुलिसवालों का मनोबल दोनों बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर चोट और तनाव झेलते हैं, लेकिन उनके परिश्रम को सम्मान और पुरस्कार मिलने का भरोसा भी जरूरी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस विभाग के 58 संवर्गों में रिकॉर्ड 27 हजार 534 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी पदोन्नत हुए हैं। इनमें मैदानी स्तर के 12 हजार 928 आरक्षक प्रधान आरक्षक तथा 5 हजार 171 प्रधान आरक्षक सहायक उपनिरीक्षक बने हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पदोन्नति का रास्ता खुलने का सबसे बड़ा लाभ पुलिस विभाग को मिला है। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2023 से अब तक विभिन्न संवर्गों में 14 हजार 704 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन हो चुका है और 9 हजार 751 अतिरिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। पुलिस बैंड और एफएसएल की भर्ती भी अंतिम चरण में है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश के खंडवा में नई पुलिस बटालियन स्थापित की जायेगी। प्रदेश में तीन राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल गठित किया जाएगा। पहले चरण में एक बल गठित करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह (पीवीटीजी) में आने वाली बैगा, भारिया एवं सहरिया जनजातीय युवाओं की विशेष कम्पनियां भी गठित की जायेंगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खाकी वर्दी और कंधों पर सजे सितारे मध्यप्रदेश के साढ़े 8 करोड़ नागरिकों की सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक हैं। उन्होंने पुलिसकर्मियों से ईमानदारी, संवेदनशीलता, अनुशासन और निष्पक्षता के साथ कार्य करते हुए जनता में पुलिस के प्रति प्रेम और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करने का आहवान किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने पुलिस विभाग के 58 संवर्गों में रिकॉर्ड 27 हजार 534 अधिकारी और कर्मचारियों को भी पदोन्नति का लाभ दिया है। पुलिसकर्मी अपनी क्षमता और योग्यता के बलबूते आगे बढ़ रहे हैं। हमारे 30 रक्षित, निरीक्षक से उप पुलिस अधीकक्ष (डीएसपी) बने हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2023 से अब तक विभिन्न संवर्गों में 14 हजार 704 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन किया जा चुका है। पुलिस बैंड और एफएसएल की भर्ती भी अंतिम दौर में है। वर्ष 2026 में भी विभिन्न पदों पर 9 हजार 751 पुलिसकर्मियों की भर्ती के लिए मंजूरी दी गई है। हमारी कोशिश है कि आगामी 2 सालों में आरक्षक और सब इंस्पेक्टर के जितने पदों पर भर्ती शेष है, उसे भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड ने पूरी पारदर्शिता के साथ प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है।
भर्ती के लिए 2025 में नए नियम बनाए गए
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि सब इंस्पेक्टर और सूबेदार के पदों पर भर्ती के लिए 2025 में नए नियम तैयार किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 7500 नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया को मंजूरी प्रदान की है। 2025 में मंजूर किए गए सिपाही, सूबेदार और सब इंस्पेक्टर पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण हो रही है। इस वर्ष 9662 विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए स्वीकृति मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की धरती से नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने में पुलिस विभाग की हॉक फोर्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रदेश की हॉक फोर्स में 325 पद और विशेष सहयोगी दस्ते में भी 882 पदों पर भर्ती की गई है।
पुलिस विभाग में अनुशासन का बड़ा महत्व है। परेड से अनुशासन बढ़ता है। इसके लिए बैंड दस्ते में भर्ती प्रक्रिया चल रही है। सभी इकाइयों को जल्द ही पुलिस बैंड उपलब्ध होगा। नवीन आपराधिक कानूनों को लागू कराने में एफएसएल का बड़ा महत्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एफएसएल में नई भर्ती के लिए भी स्वीकृति प्रदान की। सिंहस्थ 2028 में पूरे देश से श्रद्धालु उज्जैन आएंगे। पिछले दो वर्षों में पुलिस विभाग ने 18 हजार से अधिक पदों पर नई नियुक्तियां की हैं। यह पुलिस बल प्रशिक्षण के बाद सिंहस्थ ड्यूटी के लिए उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए सदैव तत्पर हैं।
एडीजी शेखर ने अभिनंदन पत्र वाचन किया, एसडीजी कटियार ने आभार जताया
एडीजी एसएएफ चंचल शेखर ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अभिनंदन पत्र का वाचन किया। स्पेशल डीजी एडमिनिस्ट्रेशन आदर्श कटियार ने आभार व्यक्त किया। इसमें अपर मुख्य सचिव गृह विभाग संजय कुमार शुक्ल, स्पेशल डीजी सीआईडी पंकज श्रीवास्तव, आईजी एडमिन हरिनारायणचारी मिश्रा आदि थे।