6 साल के अक्षत जैन अपरहरण मामले का मुख्य आरोपी उत्तर प्रदेश के ललितपुर का रहने वाला है। पुलिस को उसका ठिकाना मिल गया है। वहीं मामले में यह बात भी सामने आई है कि बच्चे के अपहरण फिरौती के बजाय पिता को परेशान करना था।
रविवार को अगवा किए गए 6 साल के अक्षत जैन को पुलिस मंगलवार तड़के 3 बजे सागर से इंदौर लेकर आई। घर में पाठ कर रही मां शिल्पा बेटे को देखते ही रो पड़ी और उसे सीने से लगा लिया। अपने लाड़ले को देख पिता रोहित, दादा सुरेंद्र और दादी मनीबाई की आंखों में भी आंसू आ गए।

अक्षत के सकुशल आने के बाद पुलिस को अपहरण कांड में यह जानकारी लगी है कि अपहरण फिरौती के लिए नहीं बल्कि बच्चे के पिता को परेशान करने के लिए किया गया थ। बच्चे ने पुलिस को बताया कि अपहरण कर्ताओं ने उसे परेशान नहीं किया था इससे पुलिस को शांका हुई की अपहरण के पीछे फिरौती नहीं बल्कि कुछ और कारण है।
इंदौर में ललितपुर के कुछ लोग रहते हैं उन्होंने ही अपहरण की योजना तैयार की थी, यह पता चला है कि अक्षत के पिता का ललितपुर के कुछ लोगों से पैसों का लेन-देन है। ये लोग पिता को परेशान करना चाहते थे इसलिए पहले उन्होंने परिवार की जानकारी निकाली।
यह पता चला की अक्षत परिवार का लाड़ला है और उसका अपहरण करने से पिता व परिवार परेशान हो जाएगा। इसके बाद अपहरण की योजना बनाई गई और ललितपुर से कुछ लोगों को बुलाकर वारदात को अंजाम दिया गया। मुख्य आरोपी का ठिकाना पुलिस को पता चल गया है और पुलिस की एक टीम ने ललितपुर में डेरा डाल रखा है।
चार संदिग्धों की भूमिका तलाश रही है पुलिस
अपहरण कांड में पुलिस ने ललितपुर के पांच आरोपी दीपक, अंकित, लोकेश, वसीम, नवाब और संतोष की भूमिका तो लगभग स्पष्ट कर ली है। चार अन्य संदिग्ध जो इंदौर में संतोष के संपर्क में उन्हें भी पुलिस तलाश रही है। मंगलवार दोपहर पुलिस ने अक्षत को माता-पिता के साथ थाने बुलवाया। अक्षत से उस रूट की जानकारी जुटाई, जहां से बदमाश उसे उठा ले गए थे। गार्डन से मांगलिया तक का रूट पुलिस ने अक्षत की निशानदेही पर क्लियर किया। मांगलिया में भी बदमाशों के सीसीटीवी फुटेज मिले हैं, जिसमें अक्षत उनके साथ बाइक पर है। अक्षत ने पुलिस को बताया कि बदमाशों ने एक कटिंग दुकान पर दाढ़ी भी बनवाई थी।
अपहरण कांड में पुलिस ने ललितपुर के पांच आरोपी दीपक, अंकित, लोकेश, वसीम, नवाब और संतोष की भूमिका तो लगभग स्पष्ट कर ली है। चार अन्य संदिग्ध जो इंदौर में संतोष के संपर्क में उन्हें भी पुलिस तलाश रही है। मंगलवार दोपहर पुलिस ने अक्षत को माता-पिता के साथ थाने बुलवाया। अक्षत से उस रूट की जानकारी जुटाई, जहां से बदमाश उसे उठा ले गए थे। गार्डन से मांगलिया तक का रूट पुलिस ने अक्षत की निशानदेही पर क्लियर किया। मांगलिया में भी बदमाशों के सीसीटीवी फुटेज मिले हैं, जिसमें अक्षत उनके साथ बाइक पर है। अक्षत ने पुलिस को बताया कि बदमाशों ने एक कटिंग दुकान पर दाढ़ी भी बनवाई थी।
पुलिस के पहुंचने से पहले बच्चे को छोड़ भागे अपहृर्ता
फिरौती के काॅल आने के बाद पुलिस ने मोबाइल नंबर के आधार पर ललितपुर के निलेश को उठाया तो उसने किसी भी तरह के काॅल करने से मना किया। बाद में उसके मोबाइल की काॅल डिटेल के आधार पर अमित नामक के युवक को उठाया गया।
फिरौती के काॅल आने के बाद पुलिस ने मोबाइल नंबर के आधार पर ललितपुर के निलेश को उठाया तो उसने किसी भी तरह के काॅल करने से मना किया। बाद में उसके मोबाइल की काॅल डिटेल के आधार पर अमित नामक के युवक को उठाया गया।
इसी दौरान निलेश के मोबाइल पर संतोष के कॉल आने लगे। इससे इंदौर और ललितपुर का लिंक सही साबित हो गया। जब अपहृताओं को पता चला कि पुलिस ललितपुर आ गई है तो वे अक्षत को बरोदिया चौकी के पास कागज में पर्ची पर उसका नाम, पिता का नाम व मोबाइल नंबर लिख छोड़ भागे। इस दौरान सिर्फ 10 मिनट का अंतर रहा, वरना अपहर्ता रंगे हाथ पकड़े जाते। अधिकारियों ने कहा है कि अभी अपहरण का कारण भी स्पष्ट नहीं है।