भोपाल । बीएसएनएल को घाटे से उबारने की आड़ में जबरिया वीआरएस दिए जाने की गुपचुप योजना पर बीएसनएल कर्मचारी और अधिकारी भड़क गए हैं। शुक्रवार को न्यू मार्केट स्थित दूरसंचार भवन के सामने कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी करते कहा कि बीएसएनएल को एक निजी कंपनी को सौंपने की साजिश के तहत बर्बाद करके बंद करने की साजिश है।
बीएसएनएल इम्पलाइज यूनियन की अगुवाई में कर्मचारियों और अधिकारियों ने किया भोपाल जीएम आफिस के बाहर प्रदर्शन
बीएसएनएल इम्पलाइज यूनियन के सहसचिव महेश रायकवार की अगुवाई में कर्मचारियों ने लंच टाइम में नारेबाजी करते कहा कि बीएसएनल को धीरे-धीरे करके बर्बाद किया जा रहा है, ताकि घाटे में दिखाया जाकर निजी हाथों में सौंपा जा सके। रायकवार ने कहा कि बीएसएनएल को 4 जी स्पेक्ट्रम आंवटन में जानबूझकर देरी की जा रही है। सरकारी क्षेत्र की कंपनी होने के बाद भी बीएसएनएल को केंद्र सरकार कर्ज गारंटी नहीं दे रही है, जिससे अपग्रेडेशन के काम ठप हो गए हैं। रायकवार ने कहा कि साजिश के कारण ही सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर होने के बाद भी बीएसएनएल डूबता जा रहा है और निजी कंपनियां मुनाफा कमा रही है। अब घाटा कम करने के लिए कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी है, जिसको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और देशव्यापी आंदोलन चलेगा।
इस मौके पर महिमा यादव, नीता दत्ता, मंगला रेड्डी, आशा सिंघल, राकेश यादव, सुषमा खापरे, शकुंतला, राजेंद्र दायमा, अंगूरी बाई, आरती, कौशल्या, ललिता बाई, ओमवती कुशवाह, राजू रैकवार, ओमशंकर श्रीवास्तव, रामसिया राम, गोविंद शर्मा, एफएनटीओ सचिव आसिफ खान, अर्जुन तिवारी आदि थे।
कॉर्पोरेट पॉलिसी का उल्लंघन
इस मौके पर यूनियन के सहसचिव महेश रायकवार ने कहा कि कर्मचारियों को प्रताड़ित करने के लिए कॉर्पोरेट ट्रांसफर पॉलिसी और निर्धारित नियमों का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। यहां तक कि विधवा और दलित महिला कर्मचारियों के तबादलों के साथ ही सालभर तबादला उद्योग चल रहा है। महेश रायकवार ने कहा कि ऐसी महिला कर्मचारी एटीटी जोकि, विधवा और दलित होने के साथ ही सर्विस के आखिरी पड़ाव पर है, उनका मिड सेशन में ट्रांसफर किया गया। यह कॉर्पोरेट आॅफिस के तबादला नियमों का खुला उल्लंघन है।
बीएसएनएल इम्पलाइज यूनियन की अगुवाई में कर्मचारियों और अधिकारियों ने किया भोपाल जीएम आफिस के बाहर प्रदर्शन
बीएसएनएल इम्पलाइज यूनियन के सहसचिव महेश रायकवार की अगुवाई में कर्मचारियों ने लंच टाइम में नारेबाजी करते कहा कि बीएसएनल को धीरे-धीरे करके बर्बाद किया जा रहा है, ताकि घाटे में दिखाया जाकर निजी हाथों में सौंपा जा सके। रायकवार ने कहा कि बीएसएनएल को 4 जी स्पेक्ट्रम आंवटन में जानबूझकर देरी की जा रही है। सरकारी क्षेत्र की कंपनी होने के बाद भी बीएसएनएल को केंद्र सरकार कर्ज गारंटी नहीं दे रही है, जिससे अपग्रेडेशन के काम ठप हो गए हैं। रायकवार ने कहा कि साजिश के कारण ही सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर होने के बाद भी बीएसएनएल डूबता जा रहा है और निजी कंपनियां मुनाफा कमा रही है। अब घाटा कम करने के लिए कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी है, जिसको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और देशव्यापी आंदोलन चलेगा।
इस मौके पर महिमा यादव, नीता दत्ता, मंगला रेड्डी, आशा सिंघल, राकेश यादव, सुषमा खापरे, शकुंतला, राजेंद्र दायमा, अंगूरी बाई, आरती, कौशल्या, ललिता बाई, ओमवती कुशवाह, राजू रैकवार, ओमशंकर श्रीवास्तव, रामसिया राम, गोविंद शर्मा, एफएनटीओ सचिव आसिफ खान, अर्जुन तिवारी आदि थे।
कॉर्पोरेट पॉलिसी का उल्लंघन
इस मौके पर यूनियन के सहसचिव महेश रायकवार ने कहा कि कर्मचारियों को प्रताड़ित करने के लिए कॉर्पोरेट ट्रांसफर पॉलिसी और निर्धारित नियमों का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। यहां तक कि विधवा और दलित महिला कर्मचारियों के तबादलों के साथ ही सालभर तबादला उद्योग चल रहा है। महेश रायकवार ने कहा कि ऐसी महिला कर्मचारी एटीटी जोकि, विधवा और दलित होने के साथ ही सर्विस के आखिरी पड़ाव पर है, उनका मिड सेशन में ट्रांसफर किया गया। यह कॉर्पोरेट आॅफिस के तबादला नियमों का खुला उल्लंघन है।

