पणजी। जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रहे सत्यपाल मलिक ने गुरुवार को कहा कि पुरानी यादें अब तक दिल से नहीं गईं। मैं कश्मीर से सिर्फ 3 हफ्ते पहले ही गोवा आया हूं। मेरी कश्मीर की खुमारी अब तक कम नहीं हुई है। मलिक की 25 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर से गोवा में नियुक्ति की गई थी।
मलिक इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (आईएफएफआई) के 50वें समारोह में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद से एक भी जनहानि नहीं हुई। 5 अगस्त से पुलिस ने एक भी गोली नहीं चलाई।’’ इससे पहले भी कई बार गृह मंत्री अमित शाह भी कह चुके हैं कि अनुच्छेद 370 के खात्मे के बाद से जम्मू-कश्मीर में कोई नुकसान नहीं हुआ।
‘कश्मीर में काफी खतरे थे’
उन्होंने कहा, ‘‘वहां (कश्मीर में) डर का आलम यह था कि मुझे पाकीजा फिल्म की एक गजल की आखिरी लाइन हर रात याद आती थी। ‘आज हम अपनी दुआओं का असर देखेंगे, तीरे नजर देखेंगे।’’ मलिक ने कहा, ‘‘वहां काफी खतरे थे। मेरे पहुंचने के बाद वहां 17 साल बाद पंचायत चुनाव हुए। सभी पार्टियों ने उनका बहिष्कार किया। आतंकवादियों ने धमकी दी थी कि वे सभी प्रत्याशियों को मार देंगे। लेकिन आपको जानकर खुशी होगी कि 4000 लोगों को चुना गया था और कोई हताहत नहीं हुई। यह कश्मीर के इतिहास में अनोखी घटना थी।’’
5 अगस्त को अनुच्छेद 370 को खत्म किया था
इसी साल 5 अगस्त को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म किया था। इस दौरान मलिक राज्य के गवर्नर थे। केंद्र ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया, यह फैसला 31 अक्टूबर से लागू हुआ।
