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हिंसा में मारे गए उत्तर प्रदेश के 6 युवकों की कहानी: कोई आईएएस बनना चाहता था तो किसी के भरोसे था पूरा परिवार


लखनऊ। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में उत्तर प्रदेश के 22 जिलों में हिंसा हुई। 4 दिन तक चली हिंसा में 10 जिलों में 20 युवकों की जान गई। हिंसा में मारे गए युवकों में किसी की हाल में शादी हुई थी, तो कोई पिता बनने वाला था। किसी का सपना आईएएस बनने का था, तो किसी के घर का इकलौता कमाने वाला चला गया। लखनऊ जहां से यूपी में हिंसा शुरू हुई, मेरठ जहां हिंसा में सबसे ज्यादा मौते हुईं और बिजनौर जहां मृतक के घर प्रियंका गांधी के जाने से मौत पर राजनीति शुरू हुई, उन घरों तक हम पहुंचे। भास्कर ने हिंसा में मारे गए 6 युवकों के परिजनों से बात की। इनमें से ज्यादातर लोगों की रिपोर्ट अभी दर्ज तक नहीं की गई।