Type Here to Get Search Results !

बॉर्डर गार्ड्स ने कहा- एनआरसी भारत का अंदरूनी मामला, इससे ज्यादा हमें कुछ नहीं कहना

नई दिल्ली। बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (बीजीबी) ने रविवार को नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (एनआरसी) को भारत का अंदरूनी मामला बताया। बीजीबी ने कहा कि यह पूरी तरह से भारत सरकार का अंदरूनी मामला है और हम इससे ज्यादा कुछ नहीं कह सकते। बीजीबी और बॉर्डर सिक्युरिटी फोर्स (बीएसएफ) के बीच 26-29 दिसंबर के बीच हुई डीजी लेवल की बातचीत के दौरान मेजर जनरल शफीनुल इस्लाम ने यह बात कही।

नागरकिता संशोधन कानून (सीएए) पर जब सवाल पूछा गया तो शफीनुल ने कहा- बीएसएफ और बीजीबी के बीच सहयोग और रिश्ते बेहद अच्छे हैं। इससे ज्यादा और मैं कुछ नहीं कह सकता हूं।
300 बांग्लादेश वापस भेजे गए, इनके पास कागजात नहीं थे
शफीनुल इस्लाम ने कहा- बीजीबी की प्राथमिकता अवैध तरीके से सीमा पार करने वालोें को रोकना है और हम अपना यह काम जारी रखेंगे। इस साल हमने 300 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है, जब वे भारत से हमारी सीमा में घुसने की कोशिश कर रहे थे। इन लोगों के भारत में रिश्ते थे और इसीलिए वे वहां गए। लेकिन, कागजात न होने की वजह से उन्हें पकड़ लिया गया। बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बीजीबी के साथ बातचीत के दौरान 4096 किमी लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्मगलिंग और आपराधिक गतिविधियां रोकने पर भी चर्चा हुई।
बीएसएफ जवान की हत्या के मामले की जांच जारी
बीएसएफ के डीजी वीके जोहरी ने कहा- जिन बांग्लादेशियों को हमने वापस भेजा वे वहां के वास्तविक नागरिक थे, लेकिन उनके पास कागजात नहीं थे। 2019 में बीएसएफ पर सीमा पर गश्त के दौरान हमले की घटनाओं में कमी आई है। इस साल अब तक 82 हमले हुए हैं। वहीं, 2015-16 में 350 से ज्यादा हमले हुए थे। पिछले तीन साल में ये हमले 70 तक ही सीमित रहे हैं। बांग्लादेश और भारत दोनों देशों की साझा कोशिशों के चलते इन घटनाओं में कमी आई है।

हाल ही में सीमा पर बीजीबी जवान द्वारा बीएसएफ जवान की हत्या पर जोहरी ने कहा कि यह अप्रत्याशित और दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी। इस मामले की जांच अभी जारी है और हालात को सामान्य बनाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
Tags

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.