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ईओडब्ल्यू के रडार पर छिंदवाड़ा का पशु पालन विभाग: 2 सीलिंग फैन, 6 बल्व, 2 ट्यूबलाइट का बिल मात्र 1 लाख 350 रुपए

  • आश्चर्य किंतु सत्य की तर्ज पर ऐसे हो रही है पशु पालन विभाग के छिंदवाड़ा उप संचालक कार्यालय द्वारा खरीदी-एक बोर्ड, एक पंखा, 6 बल्व का बिल सिफ और सिर्फ 83 हजार 250 रुपए
  • सामान्य प्रशासन विभाग के तीन साल में सीट परिवर्तन के निर्देशों के उलट भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से घिरे डॉ. हरज्ञान सिंह पक्षवार को डेढ़ दशक बाद भी हटाने के बजाय टाल मटोल
  • 18 साल से जमे उप संचालक पशु पशुपालन छिंदवाड़ा ने कई कार्यालयों एवं अन्य स्थानों पर लाखों के काम करवाए, जहां दीवारें टूटी और खिड़कियां गायब है, तो लटक रहे हैं मकड़ियों के जाले

भोपाल।
सचमुच एमपी अजब है, गजब है..जिसको चरितार्थ होते हुए मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में देखा जा सकता है। जहां खंडहर बने सरकारी कार्यालयों में मकड़ी के जाले लटक रहे हैं, दीवारें दरक रही हैं, दरवाजे खिडकियां टूटकर-सड़कर टेडेÞ हो गए हैं। बावजूद इनकी मरम्मत पर लाखों रुपए का भुगतान भी सरकारी खजाने से हो रहा है। हालांकि अब सालों से लाखों के मरम्मत और खरीदी के कागजी खेल की जांच ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) ने शुरु कर दी है। बावजूद पशु पालन विभाग के मंत्री से लेकर अफसरों तक के कानों पर जूं नहीं रेंग रही है। नतीजे में करीब 18 साल से छिंदवाड़ा में जमे उप संचालक पशु पालन डॉ. हरज्ञान सिंह पक्षवार के खिलाफ कार्रवाई तो दूर की बात रही, हटाया तक नहीं जा रहा है।




सीएम के भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टालरेंस नीति  छिंदवाड़ा में बेअसर

एक ओर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति कड़ाई से लागू करवा रहे हैं, तो दूसरी ओर छिंदवाड़ा में करीब डेढ़ दशक से जमे उप संचालक पशु चिकित्सा डॉ. हरज्ञान सिंह पक्षवार के खिलाफ भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगने पर ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) के द्वारा जांच शुरु करने के बाद भी हटाया नहीं जा रहा है। हद तो यह है कि इस बारे में ढेÞरो शिकायतें आरटीआई से मिले दस्तावेजों के साथ करने के बाद भी विभाग की ओर से जवाब-तलब नहीं किया गया है।


पशुपालन संस्थाओं के नाम पर मनमानी की खरीद और मेंटेनेंस

दरअसल 100 विभागीय पशु चिकित्सा संस्थाओं में विद्युत संधारण एवं मरम्मत के लिए शासन की ओर से राशि 75 लाख 4 हजार रुपए स्वीकृत 24 नवंंबर 2025 को की गई थी। इस स्वीकृति आदेश में स्पष्ट था कि यह राशि पशु चिकित्सा संस्थाओं के संधारण के लिए थी। इसी राशि को कागजी मरम्मत में ठिकाने लगाया गया। आलम यह है कि कई संस्थाओं को यही नहीं पता कि उनके यहां लाखों रुपए की मरम्मत और खरीदी हो चुकी है, जोकि 50 हजार रुपए से लेकर डेढ़ लाख रुपए तक की प्रत्येक संस्था के नाम पर है। ज्यादातर में मार्च-2025 की एंडिंग से ऐन पहले बिल पेमेंट किए गए। चौंकानेवाला तथ्य यह भी है कि मरम्मत के बजाय विद्युत संधारण, यानि बिजली के सामान की खरीदी पर ही अधिकतर सरकारी पैसा फूंका गया।


विधानसभा में मंत्री बोले-हटाने का सवाल ही नही उत्पन्न होता

विधायक दिनेश जैन ने प्रश्न क्रमांक-1531 दिनांक 20 फरवरी 2026 के माध्यम से यह सवाल किया था कि जीएडी के निर्देशों के तहत तीन साल में पद परिवर्तन होना चाहिए, लेकिन डॉ. पक्षवार को करीब 18 साल बीत चुके हैं, फिर भी तबादला क्यों नहीं हो रहा है? इसके जवाब में पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने जवाब किया कि तीन साल में पद परिवर्तन के निर्देश हैं, लेकिन आवश्यक नहीं है। ऐसे में डॉ. हरज्ञान सिंह पक्षवार को हटाने का सवाल ही उत्पन्न नहीं होता। हालांकि इस सवाल-जवाब से यह साफ नहीं हो सका कि जीएडी के नियमों का पालन होगा भी या नहीं? डॉ. पक्षवार को 18 साल बाद भी विभाग बदलेगा या नहीं?




पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार ने लिखा-जांच करें

आरटीआई एक्टीविस्ट श्रीचंद चौरिया ने भ्रष्टाचार की शिकायत केंद्र सरकार तक को थी, जिसके बाद केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय की ओर से मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव को 24 जुलाई 2025 को जांच के लिए पत्र लिखा गया। इसमें कहा गया कि जांच और आवश्यक कार्रवाई के बाद अवगत कराया जाए। इसके बाद शिकायतकर्ता चौरिया ने मुख्य सचिव मध्यप्रदेश से इसके बारे में जानकारी मांगी, जिस पर बताया गया कि मामले की जांच प्रमुख सचिव पशुपालन को सौंप दी गई है।


तत्काल जांच करवाकर कड़ी कार्रवाई करेंगे

छिंदवाड़ा के उप संचालक पशुपालन डॉ हरज्ञान सिंह पक्षवार के बारे में शिकायत की जांच करवाई जाकर कड़ी कार्रवाई करेंगे। इस बारे में प्रमुख सचिव पशुपालन सहित अन्य अधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा कि शिकायतों की बिंदुवार जांच की जाए। इसके अलावा भी शिकायत मिलती है तो उसकी भी तत्काल जांच करवाई जाकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

-लखन पटेल
, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पशुपालन एवं डेयरी