Type Here to Get Search Results !

नगर निगम भोपाल की कर्मशाला में लोकायुक्त पुलिस ने वाहनों की मरम्मत और पार्ट्स खरीदी से जुड़ी करोड़ों के पेमेंट वाली फाइलें जब्त कीं

  • लोकायुक्त पुलिस टीम सुबह से देर शाम तक जुटी रही फाइलों, रजिस्टर और दस्तावेजों को खंगालने में, कई फाइलों में आधे-अधूरे कागज मिलने के बाद अब सप्लायरों से होगा क्रास वेरीफिकेशन                                                                                                                                                                                                                                                                                                             
  • अपर आयुक्त वित्त गुणवंत सेवितकर, नगर निगम परिवहन शाखा प्रभारी चंचलेश गहरवार और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी वसीम की भूमिका सहित आधा दर्जन कर्मचारी हैं घेरे में, जिनमें कंप्यूटर शाखा में पिछले दरवाजे से भर्ती होने वाले कर्मचारी भी शामिल

भोपाल । राजधानी की नगर निगम की कर्मशाला में वाहनों की मरम्मत और पार्ट्स, आइल आदि की खरीदी के बदले किए गए भुगतान की आड़ में करोड़ों रुपए के फर्जीवाडे से जुड़ी फाइलों और रजिस्टरों आदि को लोकायुक्त पुलिस टीम ने रविवार सुबह से देर शाम तक खंगाला और जब्त किया।

सूत्रों के अनुसार लोकायुक्त पुलिस टीम ने सुबह करीब 10 बजे से कार्रवाई शुरु करते देर शाम तक छापामारी करते हुए करोड़ों के भ्रष्टाचार से जुडे दस्तावेज जब्त किए हैं। इसके साथ ही फाइनेंस, सर्वर, कंप्यूटर और पेट्रोल पंप से जुडे अधिकारियों और कर्मचारियों की कुंडली भी बनाई जा रही है, जिसमें उनकी नियुक्ति से लेकर वर्तमान तक शामिल है। इसमें उनकी आर्थिक उन्नति के तौर-तरीके भी शामिल हैं।                                                       


                                                                                                                                                                       
फर्जी बिलों से रिश्तेदारों और करीबियों के खाते में पेमेंट

लोकायुक्त से जुडे सूत्रों के अनुसार अपर आयुक्त गुणवंत सेवितकर फर्जी ई-बिलों के जरिए सालों से करोड़ों रुपए का भुगतान करते आ रहे थे। इसकी शिकायत होने पर लोकायुक्त पुलिस ने फर्जी ई-बिलों के जरिए करोड़ों रुपए के भुगतान की प्रारंभिक गोपनीय जांच के बाद एफआईआर दर्ज करने के साथ ही बीते शनिवार को सर्वर रुम में छापा मार कर हार्ड डिस्क जब्त कर ली थी। इसके साथ ही अपर आयुक्त वित्त गुणवंत सेवितकर और दैनिक वेतन पर कार्यरत वसीम सहित करीब दर्जनभर कर्मचारियों की भूमिका की पड़ताल शुरु हो गई है।
 




करोड़ों के पेमेंट से जुड़ी फाइलों के बिलों में मैच नहीं

लोकायुक्त पुलिस टीम की छानबीन के दौरान लाखों से करोड़ों रुपए के पेमेंट की ऐसी फाइलें और रजिस्टर आदि भी सामने आए हैं, जिनमें दर्शाए बिल और किया गया पेमेंट आपस में मैच नहीं कर रहे हैं। हद तो यह है कि कुछ खास खातों में बड़ी राशि का पेमेंट तत्काल हुआ है, तो कुछ खातों में कम राशि का पेमेंट होने के बाद भी हफ्तों-महीनों की देरी से किया गया। सूत्रों का दावा है कि जिन खातों में तत्काल पेमेंट हुआ है, वह खाते अपर आयुक्त वित्त सेवितकर के रिश्तेदारों या करीबियों के हैं। इन खातों में होने वाले भुगतान के बदले ही कमीशन का खेल होता था। इन फाइलों को लोकायुक्त पुलिस ने जब्त किया है।


करोड़ों के पेमेंट की फाइलों से गायब हैं कई दस्तावेज

नगर निगम के वाहनों की मरम्मत और पार्ट्स खरीदी के बदले सालों से फाइलें बनवाकर हजारों रुपए से लेकर लाखों और करोड़ों रुपए का पेमेंट होता आ रहा है। ऐसे में लोकायुक्त पुलिस टीम को मिले सुराग के बाद कुछ चुनिंदा मरम्मत और खरीदी मामलों के भुगतान से जुड़ी फाइल से उस वाहन की मरम्मत का क्रास वेरीफिकेशन किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार इसके लिए जहां से पेंच-पुर्जे और आइल आदि खरीदे गए, उन दुकानों के बिल बुक और उनके खातों की भी क्रास चेकिंग होगी। ताकि यह साफ हो सके कि जो बिक्री दर्शाई जा रही है, उसकी पहले दुकानों ने खरीदी भी की और अपने रिकार्ड में दर्शाई है।                                                                                           




नगर निमम कर्मशाला से पेमेंट संबंधी फाइलें जब्त की गई

नगर निगम भोपाल के अपर आयुक्त वित्त गुणवंत सेवितकर सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों में एफआईआर दर्ज की गई है। इसके बाद शुरु हुई छानबीन के सिलसिले में रविवार को नगर निगम कर्मशाला में दस्तावेजों की छानबीन एवं जब्ती की कार्रवाई की गई है। जब्त किए गए दस्तावेजों और रजिस्टरों आदि की जांच और क्रास वेरीफाई के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।

-दुर्गेश राठौर, एसपी, लोकायुक्त पुलिस भोपाल

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.