- लोकसेवा केंद्र में सीमांकन का आवेदन करने के बाद किसान के घर पहुंचा पटवारी और सीमांकन के बदले मांगें 30 हजार रुपए, बाद में मोलभाव के करके 7 हजार कम किए और 3 हजार रुपए एडवांस लेकर बाकी 20 हजार रुपए की रिश्वत लेने पर सहमत हुआ
सैलाना (रतलाम)। किसान ने लोकसेवा केंद्र में अपनी कृषि भूमि के सीमांकन के लिए आवेदन किया, जिसमें देरी होने पर जब तहसील कार्यालय पहुंच कर बात की, तो हल्का पटवारी ने 30 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। इसकी शिकायत होने पर उज्जैन लोकायुक्त पुलिस ने सैलाना तहसील के नायब नाजिर कक्ष में 20 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। रिश्वतखोर पटवारी इतना बेखौफ था कि किसान के घर जाकर रिश्वत मांगी और मोलभाव करके 3 हजार रुपए एडवांस ले लिए थे।

इस बारे में आवेदक किसान जितेंद्र पाटीदार पिता ईश्वर लाल निवासी ग्राम अडवानिया तहसील सैलाना जिला रतलाम ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक उज्जैन आनंद यादव को लिखित शिकायत की। इसमें किसान ने बताया कि उसके पिता ईश्वर लाल ने 22 जनवरी 2026 को सैलाना एवं बागरिया गांव स्थित कृषि भूमि के सीमांकन का आवेदन लोक सेवा केंद्र में जमा किया था। इसमें देरी होने पर तहसील कार्यालय में जाकर हलका पटवारी से मिला। तब पटवारी ने कहा कि फीस जमा करा दो सीमांकन हो जाएगा। हालांकि बाद में किसान के घर आकर 30 हजार रुपए रिश्वत मांगी। बाद में मोलभाव करने पर 7 हजार रुपए कम कर दिए और 3 हजार एडवांस लेकर बाकी 20 हजार रुपए जल्द देने का दबाव बना रहा था।
शिकायत का सत्यापन करवाकर बनाई गई ट्रैप टीम
रिश्वत मांगने की शिकायत का सत्यापन पुलिस अधीक्षक आनंद यादव ने करवाया, जिसमें शिकायत सही पाई गई। इसमें एडवांस 3 हजार रुपए लेकर बाकी 20 हजार रुपए मांग रहा था। तब रिश्वतखोर पटवारी कैलाश वडाख्या को पकड़ने के लिए लोकायुक्त पुलिस की ट्रैप टीम बनाई गई। इसमें निरीक्षक राजेंद्र वर्मा, प्रध्रान आरक्षक हितेश ललावत, आरक्षक विशाल रेशमिया, आरक्षक उमेश, आरक्षक श्याम शर्मा को शामिल किया गया।
नायब नाजिर कक्ष में बेखौफ रिश्वत ले रहा था पटवारी
लोकायुक्त ट्रैप टीम ने रिश्वतखोर पटवारी को पकड़ने के लिए सैलाना तहसील की घेराबंदी कर ली, क्योकि पैसे लेकर किसान को वहीं बुलाया गया था। इसके बाद नायब नाजिर कक्ष में किसान जितेंद्र पाटीदार से जैसे ही पटवारी कैलाश वडाख्या ने रिश्वत के 20 हजार रुपए अपने हाथ में लिए, वैसे ही लोकायुक्त ट्रैप टीम ने धर दबोचा। इसके बाद आरोपी पटवारी कैलाश के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज करके कार्रवाई की गई।
सीमांकन के अटके सारे मामलों की जांच होगी
सीमांकन के अटके हुए प्रकरणों की जांच की जाएगी। इसमें निर्धारित समयावधि से अधिक समय से रुके कार्यों के बारे में पटवारी सहित सभी संबंधित से पूछताछ की जाएगी।
-आनंद यादव, पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त पुलिस, उज्जैन