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पीडब्ल्यूडी इंदौर के एसडीओ और एक्जीक्यूटिस इंजीनियर को लोकायुक्त इंदौर पुलिस ने रिश्वत लेते आफिस में ही रंगे हाथों पकड़ा

  • इंदौर में राऊ से बमपुरा तक इलेक्ट्रिक शिफ्टिंग वर्क के 17 लाख के बिल पेमेंट के बदले आफिस में ही ले रहे थे 90 हजार रुपए की रिश्वत
  • ग्वालियर की कंपनी के लायजनिंग मैनेजर की शिकायत पर लोकायुक्त इंदौर पुलिस की ट्रैप टीम ने एक साथ दोनो रिश्वतखोरों को गिरफ्तार किया

भोपाल ।
लोकायुक्त इंदौर पुलिस ने 17 लाख रुपए के भुगतान के बदले 90 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए लोक निर्माण विभाग के विद्युत यांत्रिकी संभाग इंदौर के प्रभारी कार्यपालन यंत्री बालकुमार जैन और प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी धीरेन्द्र कुमार नीमा को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह घूस इंदौर में राऊ से बमपुरा तक इलेक्ट्रिक शिफ्टिंग के बिल पेमेंट करवाने के बदले ठेका लेने वाली कंपनी के लायजनिंग मैनेजर से ली जा रही थी।




ईई को 60 हजार और एसडीओ को 30 हजार की घूस

दरअसल इस बारे में लोकायुक्त इंदौर पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय को लिखित शिकायत सांई एसोसियट, डीडी नगर, गोले का मंदिर ग्वालियर कंपनी के लायजनिंग मैनेजर राघवेंद्र सिंह गुर्जर ने की। शिकायतकर्ता के अनुसार उसकी कंपनी ने इंदौर में राऊ से बमपुरा तक 20 लाख रुपए का इलेक्ट्रिक शिफ्टिंग का काम एक माह में पूरा कर दिया था। इसका बिल जीएसटी काट कर 17 लाख रुपए बना था, जिसका भुगतान करवाने के बदले बालकुमार जैन सहायक यंत्री/प्रभारी कार्यपालन अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, विद्युत एवं यांत्रिकी संभाग इंदौर ने 4 प्रतिशत के हिसाब से 60 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। जबकि धीरेन्द्र कुमार नीमा उपयंत्री/प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, विद्युत एवं यात्रिकी संभाग इंदौर ने 2 प्रतिशत के हिसाब से 30 हजार रुपए की रिश्वत मांगी।


रिश्वत मांगने की पुष्टि के बाद बनाई ट्रैप टीम

पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय ने रिश्वत मांगने की शिकायत का सत्यापन होने के बाद रिश्वतखोर इंजीनियरों को पकड़ने के लिए ट्रैप टीम बनाई। इस ट्रैप टीम में कार्यवाहक निरीक्षक आशुतोष मिठास, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक विवेक मिश्रा, आशीष शुक्ला, आरक्षक विजय कुमार, शिवप्रकाश पाराशर, आदित्य भदौरिया, आशीष आर्य, शैलेन्द्र सिंह बघेल एवं श्रीकष्णा अहिरवार को शामिल किया गया।




बेखौफ आफिस में ही रिश्वत लेते पकड़ाए

लोकायुक्Ñत की ट्रैप टीम ने रिश्वत लेन-देन तय होने के बाद पीडब्ल्यूडी के आफिस की घेराबंदी कर ली। इसके बाद जैसे ही फरियादी लायजनिंग मैनेजर ने दोनो इंजीनियरों को उनके हिसाब से 60 और 30 हजार रुपए की रिश्वत ली, वैसे ही लोकायुक्त टीम ने दोनो को पकड़ लिया। इसके बाद दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 एवं 61 (2) बीएनएस 2023 के अंतर्गत कार्यवाई की गई।


भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत की अपील

लोकायुक्त संगठन द्वारा लगातार भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्यवाही की जा रही है। ूऐसे में आमजन से अपील की गई है की कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करे तो लोकायुक्त कार्यालय इंदौर एवं दूरभाष पर भी सम्पर्क कर सकते है।

कार्यालय पुलिस अधीक्षक,

विशेष पुलिस स्थापना,

लोकायुक्त कार्यालय इंदौर, संभाग इंदौर


पता- मोती बंगला, एमजी रोड इंदौर-452007


दूरभाष- 0731-2533160

            0731-2430100

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