नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि सरकार देश की आर्थिक स्थिति पर संसद में चर्चा कराने को तैयार है। बजट सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में गुरुवार को मोदी ने कहा कि अधिकतर सदस्य देश के आर्थिक हालात पर चर्चा चाहते हैं और सरकार उनकी मांग से सहमत है। उन्होंने कहा कि सरकार बजट सत्र में सभी मुद्दों पर चर्चा कराना चाहती है।
प्रधानमंत्री ने कहा- अधिकतर सदस्यों ने देश में चिंता की वजह बनी आर्थिक स्थिति पर चर्चा कराने की मांग की है। मैं इसका स्वागत करता हूं और आपके सुझावों के मुताबिक हमें आर्थिक मुद्दों पर चर्चा करने की जरूरत है।
भारत के फायदे की बात सोचें
मोदी ने सांसदों से कहा कि दुनिया के आर्थिक हालात के बीच भारत को लाभ मिल सके, वे ऐसे सुझाव दें। उन्होंने कहा, “हमें इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि दुनिया के आर्थिक हालात से भारत को किस तरह फायदा मिल सकता है। साल की शुरुआत में आयोजित हो रहे बजट सत्र में अगर हम अर्थव्यवस्था को सही दिशा दे सके, तो यह देश के लिए सबसे बेहतर होगा।”
हर मुद्दे पर खुली चर्चा हो
प्रधानमंत्री ने सांसदों की तरफ से उठाए गए दूसरे कई विषयों पर भी सहमति जताते हुए कहा कि संसद में सभी मुद्दों पर खुली बहस होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं आपके द्वारा उठाए गए कई दूसरे अहम विषयों से भी सहमत हूं। मैं यह कहना चाहता हूं कि ऐसे सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए।”
संसद में बेहतर कामकाज हो
प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी बयान के मुताबिक, मोदी ने सांसदों से संसद सत्र की उपयोगिता बढ़ाने में योगदान देने को भी कहा। उन्होंने पिछले दो सत्रों में हुए बेहतर काम-काज का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा, “पिछले दो सत्रों में बेहतर काम हुआ और लोगों ने इसे सराहा। लोगों के प्रतिनिधि होने के नाते यह हमारी जिम्मेदारी है कि संसद की कार्यवाही को बेहतर बनाएं। हम खुले दिमाग से मुद्दों पर चर्चा करें, ताकि जनहित में बेहतर काम हो सके।”
सर्वदलीय बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी, संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल और वी. मुरलीधरन के साथ कई राजनीतिक दलों के नेता भी मौजूद थे। शुक्रवार को दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के साथ संसद का बजट सत्र शुरू होगा।
