भोपाल। भोपाल में पुलिसकर्मियों में संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ हैं। लिहाजा आला अफसरों ने उन्हें घर जाने से रोक दिया है। उनके लिए रहने का इंतजाम इलाके में किया गया है। नाश्ता और खाने का इंतजाम थाना प्रभारियों से करने को कहा गया है। इसको लेकर कई थाना प्रभारी परेशान हैं। ऐसा इसलिए कि 70 लोगों के लिए चार टाइम नाश्ता-चाय और भोजन का इंतजाम करने में पसीना छूट रहा है।
मध्यप्रदेश में 24 मार्च की आधी रात से लाक डाउन है। भोपाल में लाक डाउन के शुरुआती दिनों में स्थिति ठीक-ठाक थी, लेकिन मार्च का महीना खत्म होने के बाद स्थित तेजी से बिगड़ी है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी काफी ज्यादा मात्रा में संक्रमित हुए हैं। यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग के अफसरों और जमातियों की लापरवाही के कारण निर्मित हुई है। पुलिसकर्मियों में संक्रमण का मामला सामने आने के बाद आला अफसर सक्रिय हुए और उन्होंने थाना स्टाफ को घर जाने से रोक दिया। जो पुलिसकर्मी अकेले रह रहे हैं, वे घर जा सकते हैं, लेकिन परिवार के साथ रहने वाले पुलिसकर्मियों के लिए घर जाना पूरी तरह से वर्जित है। वास्तव में यह बेहतर फैसला है। पुलिसकर्मियों और थाने के अधिकारियों के घर नहीं जाने से उनका परिवार सुरक्षित रहेगा। भोपाल में घर नहीं जाने वाले पुलिसकर्मियों के ठहरने के लिए इलाके के होटल, लाज, धर्मशाला, शादी हाल से लेकर अलग-अलग इंतजाम किए गए हैं। दोनों टाइम का खाना, सुबह का नाश्ता और शाम की चाय थाने में बनती है। उसका लुत्फ एक निश्चित दूरी बनाकर पूरा थाना एक साथ उठा रहा है।
मध्यप्रदेश में 24 मार्च की आधी रात से लाक डाउन है। भोपाल में लाक डाउन के शुरुआती दिनों में स्थिति ठीक-ठाक थी, लेकिन मार्च का महीना खत्म होने के बाद स्थित तेजी से बिगड़ी है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी काफी ज्यादा मात्रा में संक्रमित हुए हैं। यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग के अफसरों और जमातियों की लापरवाही के कारण निर्मित हुई है। पुलिसकर्मियों में संक्रमण का मामला सामने आने के बाद आला अफसर सक्रिय हुए और उन्होंने थाना स्टाफ को घर जाने से रोक दिया। जो पुलिसकर्मी अकेले रह रहे हैं, वे घर जा सकते हैं, लेकिन परिवार के साथ रहने वाले पुलिसकर्मियों के लिए घर जाना पूरी तरह से वर्जित है। वास्तव में यह बेहतर फैसला है। पुलिसकर्मियों और थाने के अधिकारियों के घर नहीं जाने से उनका परिवार सुरक्षित रहेगा। भोपाल में घर नहीं जाने वाले पुलिसकर्मियों के ठहरने के लिए इलाके के होटल, लाज, धर्मशाला, शादी हाल से लेकर अलग-अलग इंतजाम किए गए हैं। दोनों टाइम का खाना, सुबह का नाश्ता और शाम की चाय थाने में बनती है। उसका लुत्फ एक निश्चित दूरी बनाकर पूरा थाना एक साथ उठा रहा है।