विधायक जयवर्धन सहित कलेक्टर-एसपी पहुंची बेरवास, बंधाया ढांढस
गुना। जिले के मधुसूदनगढ़ के ग्राम बेरवास में एक परिवार के साथ अहमदाबाद में हुए हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हो गई। इस दौरान शनिवार को छह और सदस्यों का अंतिम संस्कार हुआ। सिलेंडर फटने से हुई दुर्घटना में शुक्रवार-शनिवार देर रात दोनों महिलाओं ने और दम तोड़ दिया था। उक्त मृतक दोनों भाईयों की पत्नियां हैं। शनिवार को पीडि़त परिवार को शोक सांत्वना व्यक्त करने राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह, पूर्व विधायक ममता मीना के अलावा कलेक्टर फ्रेंक नोबल ए, एसपी राजीव कुमार मिश्रा आदि ग्राम बेरवास पहुंचे। इस दौरान सभी ने प्रभावित परिवार को सांत्वना देते हुए ढांढस बंधाया। परिवार के 9 लोगों के अंतिम संस्कार के लिए मौके पर ही 45 हजार रुपए की राशि प्रदान की गयी। इधर मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में ही मृत व्यक्तियों के परिजनों को 4-4 लाख और मृतक बच्चों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की सहायता की घोषणा की है।
![]() |
| पीडि़त परिवार को ढांढस बांधते हुए विधायक जयवर्धन सिंह |
उल्लेखनीय है कि विगत दिवस ग्राम बेरवास के एक परिवार के 10 सदस्य अहमदाबाद में काम के लिए गए हुए थे। रात्रि के समय जब वह गहरी नींद में सो रहे थे, उस समय गैस सिलेण्डर से गैस लीक होकर पूरे कमरे में छा गयी। जब एक व्यक्ति ने रात्रि में उठकर बाहर जाने के लिए स्विच ऑन किया, पूरे कमरे में आग गयी। घटना में 9 लोग मृत हुए हैं। परिवार के साथ रहने वाली राजस्थान के एक रिश्तेदार का इलाज अहमदाबाद में चल रहा है। कलेक्टर द्वारा परिवार के मृतकों को अहमदाबाद से सामान सहित ग्राम बैरवास लाने की व्यवस्था की है। उन्हें आर्थिक सहायता देने की भी प्रक्रिया जारी है।
![]() |
| पीडि़त परिवार से चर्चारत कलेक्टर-एसपी |
विधायक और पूर्व विधायक ने ढांढस बंधाया
घटना के बाद शनिवार को मौके राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह एवं चांचौड़ा की पूर्व विधायक चांचौडा ममता मीणा पहुंची। यहां उन्होंने परिवार के बड़े भाई इमरत लाल और हीरालाल को ढांढस बंधाया।
संयोगवश उस रात सभी एक ही कमरे में सोए हुए थे
एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि परिवार के सभी सदस्यों को पृथक-पृथक कमरे थे। चार कमरों में परिवार रह रहा था। किंतु घटना की रात सभी सदस्य एक ही कमरे में लेटे थे और बातें करते करते उसी कमरे में सो गये।
4 भाईयों का हंसता खेलता परिवार था
ग्राम बेरवास में चैंयालाल अहिरवार का हंसता खेलता परिवार था। चैंयालाल की मृत्यु के बाद सभी मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार के साथ रह रहे थे, दो भाई गुजरात के अहदाबाद में राजू पत्नि सीमा एवं उसके बच्चे वैशाली और पायल तथा छोटा भाई सोनू अपनी पत्नि सरजू बाई एवं उसके बच्चे नितेश एवं आकाश के साथ अहदाबाद में रह रहे थे। दो भाई इमरत लाल और हीरालाल ग्राम बेरवास में ही रह रहे हें। इन सभी की मां रामप्यारी पत्नी चैयालाल भी दोनों बेटों के साथ अहमदाबाद ही रह रही थीं। हादसे में 9 लोगों की मृत्यु हो गयी। अब गांव में इमरत और हीरालाल का बिलखता हुआ परिवार रह रहा है।


