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जनजाति कार्य विभाग ग्वालियर की तत्कालीन सहायक आयुक्त ऊषा पाठक फर्जी छात्रवृत्ति के अपराध में फरार

ग्वालियर। जनजाति कार्य विभाग जिला ग्वालियर की तत्कालीन सहायक आयुक्त श्रीमती उषा पाठक करोड़ों अरबों रुपए के फर्जी छात्रवृत्ति घोटाले कि दोषी हैं श्रीमती उषा पाठक के विरुद्ध जिला ग्वालियर के अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण पुलिस थाना ग्वालियर में अपराध क्रमांक 3 / 19 भारतीय दंड विधान की धाराएं 420 , 471 , 469 , 467 , 198 , 170 , 120 ( बी )तथा अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार अधिनियम की धारा 3 ( 2 ) ( V ) के तहत दर्ज है जिसमें दो आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं और जेल में बंद है लेकिन आज तक फर्जी छात्रवृत्ति घोटाले की अपराधी श्रीमती उषा पाठक की गिरफ्तारी नहीं हुई है गिरफ्तारी से बचने के लिए श्रीमती उषा पाठक ने अग्रिम जमानत हेतु जिला न्यायालय ग्वालियर के विशेष न्यायाधीश एससी एसटी के यहां जमानत आवेदन लगाया जिसका क्रमांक 1840 / 21 है जिसे विशेष न्यायाधीश महोदय ने निरस्त कर दिया इसके बाद श्रीमती ऊषा पाठक ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ब्रांच ग्वालियर के यहां अग्रिम जमानत हेतु आवेदन लगाया है जिसका प्रकरण क्रमांक सीआरए 4241 / 21 लगाया है लेकिन मध्यप्रदेश शासन या सक्षम अधिकारियों द्वारा श्रीमती उषा पाठक के फरार होने के बाद भी आज तक निलंबित नहीं किया गया है अनुसूचित जाति जनजाति छात्र संघ मध्यप्रदेश शासन से मांग करता है कि फर्जी छात्रवृत्ति के घोटाले की फरार आरोपी श्रीमती उषा पाठक को तत्काल निलंबित किया जाए और गिरफ्तार किया जाए उल्लेखनीय है कि ग्वालियर में फर्जी छात्रवृत्ति प्राइवेट कॉलेज जनजाति कार्य विभाग बैंक मैनेजर और नोडल संस्था द्वारा वर्ष 2009 से फर्जी छात्रवृत्ति अरबों रुपए में डकार ली गई है जिसकी शिकायतें पूर्व से ही तमाम सामाजिक संगठनों जनप्रतिनिधियों द्वारा शासन और प्रशासन से की गई है।

ज्ञात रहे कि पिछले दिनों ही मध्य प्रदेश के महामहिम राज्यपाल से मिलकर जो ज्ञापन सौंपा गया था उसमें फर्जी छात्रवृत्ति की जांच की भी मांग की गई थी महाराज सिंह राजोरिया ने कलेक्टर ग्वालियर कमिश्नर ग्वालियर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश के राज्यपाल विभाग की मंत्री मीना सिंह मांडवी प्रमुख सचिव जनजाति कार्य विभाग आयुक्त जनजाति कार्य विकास मध्य प्रदेश से ईमेल स्पीड पोस्ट से ज्ञापन भेजकर जिला ग्वालियर की तत्कालीन सहायक जो वर्तमान में संभागीय उपायुक्त कार्यालय अनुसूचित जाति जनजाति विकास चंबल संभाग चंबल में पदस्थ है को निलंबित कर करतार करने की मांग की गई है।