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भ्रष्ट बैंक अधिकारियों सहित अन्य को तीन साल की सजा

भोपाल। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश राजीव के पाल की अदालत ने भ्रष्‍टाचार के आरोप में आरोपी विजेन्‍द्र कौशल, राधेश्‍याम गर्ग, हुकुमचन्‍द्र सिंघई व लक्ष्‍मण वाधवानी को तीन  साल की सजा और दस हजार रुपये के जुर्माना से दण्डित किया है।

अभियोजन अनुसार ग्राम बगौनिया, कल्‍याणपुर के ग्रामवासियो द्वारा  लोकायुक्‍त कार्यालय में लिखित शिकायत की थी कि  जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक मर्यादित भोपाल के अधिकारियो द्वारा ग्राम कोलुआ कंला, राताताल, ग्राम बगौनिया, ग्राम कल्‍याणपुर में बैंक अधिनियम 1999 के प्रावधानों का उल्‍लघन करते हुये ऋण वसूली न होने पर चल-अचल संपत्ति से ऋण वसूली के लिये बैंक अधिकारियो द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से शर्तो को अपनाये बिना करोड़ो रूपये की जमीन को मिट्टी के भाव में लगभग 23.5 एकड भूमि मात्र 3 लाख 50 हजार रूपये में लक्ष्‍मण वाधवानी को नीलमी कर दी थी। वर्ष 2000 से 2007 के मध्‍य कृषि भूमि की नीलामी कार्यवाही का सिलसिला चलता रहा। इतना ही नहीं अधिकारियों ने ऋणी कृषक को बताये बिना एवं बिना सूचना के बंधक भूमि को ऋण राशि न अदा करने पर उनकी भूमि बाजार मूल्‍य एवं कलेक्‍टर द्वारा निर्धारित मूल्‍य से अत्‍यधिक कम मूल्‍य पर अवैधानिक रूप से नीलामी कार्यवाही कर धोखाधाडी की थी। उन्होंने अपने पद का दुरूप्रयोग करते हुए नीलामी संबंधित नोटशीट के कूटरचित दस्‍तावेज तैयार कर पुष्टि हेतु संयुक्‍त पंजीयक सहकारी संस्‍थाऐ भोपाल को भेजा गया जहां उनके द्वारा अवैधानिक रूप से नीलामी की पुष्टि आदेश पारित किया गया। उक्‍त लिखित सूचना के आधार पर लोकायुक्‍त पुलिस द्वारा जॉच कर अपराध पंजीबद्ध किया।